गिरफ्तार आरोपियों में चपरासी योगेंद्र कुमार साहनी निवासी वार्ड नंबर एक, रुदलापुर थाना फरेंदा जिला महराजगंज, बर्खास्त सहायक शिक्षक विवेक राय निवासी चवरछापर थाना बनकटा, शिक्षक विवेक सिंह निवासी कणसर थाना पकड़ी जनपद बलिया और संतोष सिंह उर्फ मिथुन निवासी कुईचवर थाना भाटपाररानी जनपद देवरिया शामिल हैं। विवेक प्राथमिक विद्यालय सजनी विकास खंड उस्का में तैनात है। एसपी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने बर्खास्त शिक्षकों की फाइल चुराने के लिए ताला तोड़ा था। इसमें चपरासी योगेंद्र कुमार साहनी का सहयोग लिया गया था। पूछताछ के बाद चारों को जेल भेज दिया गया है।
फर्जी शिक्षक भर्ती का मास्टरमाइंड है देवरिया का धर्मेंद्र
एसपी ने बताया कि फर्जी शिक्षक भर्ती का मास्टरमाइंड देवरिया जिले के भाटपाररानी का रहने वाला धर्मेंद्र सिंह है। मामले की जांच शुरू होने के बाद से वह फरार है। पुलिस अधीक्षक ने दावा किया कि उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र पर पूर्वांचल के कई जिलों में फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए शिक्षक के पद पर कई लोगों की नियुक्ति कराने का आरोप है। उसके पकड़े जाने के बाद इस मामले में शामिल कई लोगों का पर्दाफाश होगा।