विधायक और ग्रामीणों के साथ देर रात तक चलती रही पंचायत
ग्रामीणों का आरोप, महंत पद पर कब्जा करना चाहते हैं विधायक के भाई
विधायक के भाई ने सदर थाने में दी तहरीर, सिहेंश्वरी मंदिर का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। सिहेंश्वरी मंदिर के महंत पद को लेकर विवाद गहराता चला जा रहा है। मंगलवार को इस मुद्दे को लेकर विधायक के भाई शिव प्रताप दास और थरौली गांव के ग्रामीण आमने-सामने आ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि विधायक के भाई मंदिर में लगा ताला तोड़ना चाहते थे। इसका जब उन्होंने विरोध किया तो मारपीट की नौबत आ गई। सूचना मिलने पर एसडीएम सीओ सहित सदर थाना की पुलिस और कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही भी पहुंच गए। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन के सामने दोनों पक्षों में पंचायत चल रही थी।
सिहेंश्वरी मंदिर के महंत अधिकारी दास बुजुर्ग हो चुके हैं। थरौली गांव के लोगों का कहना हैै कि अधिकारी दास अयोध्या के एक बाबा को महंत घोषित कर चुके हैं, जो मौजूदा समय में मंदिर में रहते हैं, लेकिन विधायक के भाई शिव प्रताप दास महंत पद पर कब्जा करना चाहते हैं। मंगलवार को वह मंदिर के कमरों में लगे ताले तोड़ने लगे। साथ ही मंदिर में चढ़ा दान भी उठाने लगे। इस पर ग्रामीण नाराज हो गए। देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना सदर पुलिस को दी। पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कराया। साथ ही वार्ता के लिए दोनों पक्षों को बुलाया।
कपिलवस्तु विधायक श्याम धनी राही, एसडीएम सदर उमेश चंद्र निगम, सीओ सदर सुनील कुमार सिंह, सेवानिवृत्त प्रोफेसर प्रो. सुरेंद्र मिश्रा समेत तमाम ग्रामीण बातचीत करने पहुंचे। विधायक के भाई शिव प्रताप दास ने सदर पुलिस को मारपीट मामले की तहरीर भी दी। साथ ही दोनों पक्षों में पंचायत भी चल रही थी। विधायक श्याम धनी राही ने कहा कि संत किसी का भाई नहीं होता। अधिकारी पहले ही लिखकर महंत का पद शिवप्रताप को दे चुके हैं। फिलहाल वार्ता चल रही है।