मौके पर जांच करते पुलिस अधिकारी
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सिद्धार्थनगर। शिक्षिका अंजली यादव की हत्या को आत्महत्या का रूप स्थानीय पुलिस ने दे दिया। विभागीय संबंधों के कारण फोन पर होने वाली वार्ता को आत्महत्या के लिए उकसाने का आधार बना दिया गया। पूछताछ के पूर्व माध्यमिक विद्यालय रिसलतपुर में तैनात शिक्षक राजेश कुमार यादव को थाने बुलाया गया और फर्जी गिरफ्तारी दिखाते हुए उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में जेल भेज दिया गया। ऐसा पुलिस ने मुख्य आरोपियों को बचाने के लिए किया है। यह आरोप स्थानीय पुलिस पर लगाते हुए पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई ने मुख्यमंत्री व पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजा है।
जिलाध्यक्ष डॉ. अरुणेन्द्र प्रसाद त्रिपाठी ने पत्र में लिखा है कि मोहाना थानाध्यक्ष को हटा करघटना की स्थिति व परिस्थिति को देखते हुए मामले की सीबीआई या किसी उच्च स्तरीय एजेंसी से जांच कराई जाए और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। आरोप है कि सूचना पर दूसरे दिन जालौन से आई शिक्षिका अंजली यादव के पिता अजय कुमार यादव, चाचा एवं जीजा को मोहाना पुलिस ने थाने में आठ घंटे बैठाने के बाद उन लोगों को गुमराह करके मात्र चार लाइन में तहरीर ले ली।
मजिस्ट्रियल जांच के लिए डीएम को भेजा पत्र
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी व मंत्री योगेंद्र प्रसाद पांडेय ने जिलाधिकारी को पत्र देकर शिक्षिका अंजली यादव की मौत की मजिस्ट्रियल जांच कराने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि पुलिस इसे आत्महत्या मानकर पर्दाफाश का दावा कर रही है जबकि घटनास्थल की परिस्थितियां पूरी योजना के साथ हत्या की तरफ इंगित करती हैं।