पोस्टमार्टम हाउस के बाहर गमगीन बालिका की मां ।
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। उसका थाना क्षेत्र के मजिगवा गांव में 10 वर्षीय बालिका का शव फंदे से लटका मिला। मां का आरोप है कि घर में विवाद होने के बाद पति और सौतन ने बेटी की हत्या कर दी है। पुलिस की लापरवाही से बेटी की हत्या हुई है। मामले की जांच करके कार्रवाई की जाए। वहीं पुलिस आत्महत्या की बात कह रही है।
मजिगवा गांव निवासी प्रमिला पत्नी राजकुमार ने आरोप लगाया है कि पति ने इसलवाती नाम की दूसरी महिला से शादी कर ली है। उससे दो बच्चे हैं। वहीं मेरे पास एक बेटा व दो बेटियां हैं। मैं किसी तरह से मेहनत मजदूरी करके बच्चों का भरण- पोषण करती हूं। मेरी सौतन हमेशा बच्चों को को मारने की साजिश रचती रहती है।शुक्रवार दोपहर दो बजे घर के बरामदे पर छप्पर रखवा रही थी। इसके बाद पति, इसलावली आदि लोग गोलबंद होकर आए और छप्पर को गिरा दिया। इसके बाद मुझे व मेरी बेटी अनीता व सुनीता को बेहरमी से मारा पीटा। 100 नंबर पर सूचना देने के बाद पुलिस पति को पकड़कर ले गई। मगर पुलिस ने रास्ते में ही उसे छोड़ दिया।
इसके बाद पति सीधा घर पहुंचा और मेरी अनुपस्थिति में इसलावती व उसके बच्चों के साथ मिलकर मेरी 10 वर्षीय बेटी को शुक्रवार शाम छह बजे कमरे में बंद करके हत्या कर दी और बाहर दरवाजा बिना कुंडी लगाए ही छोड़ दिया। देर शाम को खेत से जब छोटी बेटी घर लौटी और दरवाजा खोली तो लाश देख चिल्ला उठी और दूसरों के माध्यम से मुझे सूचना दी। आरोप लगाया कि बेटी की हत्या हुई है। इस मामले की जांच करके कार्रवाई की जाए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसओ अनिल प्रकाश पांडेय ने बताया कि मामला आत्म हत्या का है। शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।
पुलिस की कहानी पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
पुलिस मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश में जुटी है। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि महज 10 माह की बच्ची आत्महत्या क्यों करेगी। कहीं न कहीं पुलिस मामले की लीपापोती करने में जुटी है। आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता की वजह से यह घटना हुई है। अगर निष्पक्ष जांच हो जाए तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।