शोहरतगढ़ में शनिवार शाम हुए बवाल के बाद रविवार को क्षेत्र में तनावपूर्ण
शांति रही। सड़कें सूनी दिखीं। वहीं हालात नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र
को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
वहीं उपद्रव के मामले में 14 लोगों को
चिह्नित कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। उधर, गंभीर रूप से घायल
सूर्यलाल अग्रहरि की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद उनका अंतिम संस्कार कर
दिया गया।
शनिवार शाम ताजिया जुलूस में राम मंदिर के पास एक पक्ष द्वारा उत्तेजक
नारेबाजी करने को लेकर उत्पन्न विवाद ने हिंसात्मक रूप ले लिया। 12 से अधिक
दुकानों को पथराव कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। स्थिति नियंत्रित करने के
लिए पुलिस शख्त हुई और करीब दो घंटे के प्रयास के बाद स्थिति नियंत्रित कर
ली गई।
सूचना पर देर रात मंडलायुक्त पीके सिंह और डीआईजी लक्ष्मी नारायण ने
घटनास्थल का जायजा लिया। पूरी रात डीएम डा. सुरेंद्र कुमार और एसपी अजय
कुमार साहनी डटे रहे। रविवार को पिकेट चौराहे पर सीडीओ अखिलेश तिवारी,
एडीएम पीके जैन, एएसपी मंशाराम गौतम के जिम्मे सुरक्षा की कमान रही।
सुरक्षा के मद्देनजर नगर में आठ थानों की पुलिस व पीएसी के जवानों सुरक्षा
व्यवस्था संभाले हुए हैं। वहीं रविवार को इक्का-दुक्का लोग ही बाहर
आते-जाते दिखे। वहीं बाजार पूरी तरह से बंद रहा।
वहीं एसपी ने बताया कि उपद्रव के मामले में प्रथम दृष्टया जांच में बादशाह,
शाहरुख, अरबाज, गुड्डू, मो. शमी, अनूप, ओमप्रकाश, संतोष, लालजी, अली,
आरिफ, बन्ने, कासिम, पंचगुलाम की संलिप्तता मिली है। इन सभी को गिरफ्तार कर
जेल भेज दिया गया है।
आरोपियों पर बलवा, सरकारी व निजी संपत्तियों को
नुकसान पहुंचाने, मारपीट, धमकी देना, अपशब्दों का प्रयोग, धारदार हथियारों
का प्रयोग, हत्या का प्रयास आदि धाराएं लगाईं गई हैं।
वहीं उपद्रव के दौरान गंभीर रूप से घायल सूर्यलाल अग्रहरि (63) की शनिवार
रात मौत हो गई। पहले परिजन उन्हें सीएचसी ले गए, डॉक्टर न मिलने पर परिजन
उन्हें जिला अस्पताल ले जाने लगे। लेकिन रास्ते में ही सूर्यलाल की मौत हो
गई। रविवार को शोहरतगढ़ पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों
को सौंप
दिया। मृतक के बड़े पुत्र मंगरु प्रसाद और रिश्तेदार नंदलाल ने बताया कि
बवाल में मेरे पिता गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिनका इलाज के लिए जिला
अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में
ले लिया, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद शव घर नहीं लाने दिया। बताया कि उन्हें
गांव से तीन किमी दूर मड़वा चौराहे पर शव दिया गया।
पुलिस के कहे अनुसार
उन लोगों ने बानगंगा घाट पर दाह संस्कार कर दिया। इस संबंध में एसओ
सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि घटना में घायल सूर्यलाल की मौत की सूचना मिलने
पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया।