बांसी। फर्जी दस्तावेज बनवाकर जालसाजों ने एक विधवा की करोड़ों की जमीन को हड़प लिए जाने का मामला संज्ञान में आया है। महिला की तहरीर पर पुलिस ने सात लोगों पर जालसाजी का केस दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। मामला कोतवाली क्षेत्र के नरही गांव का है। पुलिस का कहना है कि इस गांव के ऐसे और भी मामले संज्ञान में आ रहे हैं। जिनमें कूट रचना कर फर्जी बैनामा करवाया गया है।
कोतवाली क्षेत्र के के नरही गांव निवासी उर्मिला देवी पत्नी स्व. वृजेंद्र कृष्ण द्विवेदी की बांसी- गोरखपुर मार्ग पर भूमि है। यह इनका संपूर्ण हिस्सा है, जिसकी अनुमानित कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक है। आरोप है कि बीते 7 अप्रैल 2017 को फर्जी फोटो व पहचान पत्र लगाकर व दो लोगों को फर्जी गवाह खड़ा करके उपनिबंधक कार्यालय में नगर के एक महिला के नाम से बैनामा कर दिया गया। एक सप्ताह पूर्व बेवा उर्मिला देवी को इसकी जानकारी हुई तो उनके पैर के नीचे की जमीन खिसक गई। वह फर्जी बैनामा किए गए सभी कागजात को इकट्ठा कर शुक्रवार को कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी। तहरीर में लिखा है कि फर्जीवाड़े में बैनामा लिखने वाले फर्जी तरीके से दो करोड़ की कीमती जमीन को बैनामा कर दिया।
कोतवाल रवींद्र कुमार सिंह ने बताया कि अधिवक्ता गोमती प्रसाद यादव व उपनिबंधक बांसी सहित कोतवाली के ग्राम खरिका दुबे निवासी राजेंद्र प्रसाद, नरही ग्राम निवासी अरविंद उर्फ गुड्डू मालवीय, नपा के आजाद नगर वार्ड निवासी यूसुफ व तत्कालीन लेखपाल नाम पता अज्ञात के खिलाफ तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू कर दी गई है। गांव में कुछ और लोगों की जमीन भी फर्जी तरीके से बैनामा कर दी गई है। इसकी भी जांच की जा रही है।