भनवापुर। त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के सेखुई सेनापति गांव में किसान हरीराम (55) द्वारा फंदे पर लटककर जान देने का मामला प्रकाश में आया है। परिवार और गांव के लोग इसकी वजह आर्थिक तंगी और बीमारी बता रहे हैं। मामले की जानकारी पर एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने लेखपाल को जांच के निर्देश दिए हैं।
पत्नी कोयला देवी ने बताया कि पति रोज की तरह मंगलवार रात भोजन करने के बाद सो गए थे। बुधवार सुबह जब वे बिस्तर पर नहीं मिले तो उन्होंने खोजबीन शुरू की। कुछ देर बात गांव के पूरब के बाग में पति का शव फंदे से लटकता मिला। उनका चीख सुनकर गांव के लोग जुटे और शव को उतारा। वहीं घरवालों ने ग्रामीणों की सहयोग से किसान का दाह संस्कार कर दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार हरीराम का एक बेटा रमेश और चार बेटियां है। दो बेेटियों की शादी हो चुकी है। दो शादी योग्य हो गई हैं। रमेश एक माह पूर्व ही रोजगार के सिलसिले में मुंबई गया है। एसओ त्रिलोकपुर ने हरिनारायण दीक्षित बताया कि चौकी इंजार्च बिजौरा को गांव भेजा गया था। घरवालों ने पुलिस के बिना बताए ही अंतिम संस्कार करा दिया था।
रकम के अभाव में अक्तूबर से हरीराम नहीं ला रहे थे दवा
प्रधान मतउर अली के बेटे आमिर खान ने बताया कि हरीराम बेहद गरीब थे। उन्हें सदैव बेटी की शादी की टेंशन रहती थी। कई बार उन्होंने इस संबंध में चर्चा भी की थी। वे ऐसा कदम उठा लेंगे सोचा न था। रउआब अली, सुरेंद्र मिश्रा ने अर्थिक तंगी से और बीमारी से परेशान होने की बात कही। पत्नी कोयला देवी ने बताया कि गोरखपुर के एक डॉक्टर के यहां दवा चल रही थी। रकम न होने से वे अक्तूबर से दवा नहीं ला रहे थे और मानसिक रूप से परेशान रहते थे।
कोयला को रोता देख हर आंख हुई नम
हरीराम की मौत के बाद पत्नी कोयला और दो बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। रह-रहकर कोयला यही कह रही थी कि पति हमारा हौसला थे। अब मैं कैसे जीऊंगी। हरीराम के पास खेती योग्य थोड़ी भूमि थी। यही उनकी आय का साधन थी।