संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जमीन की चाहत ऐसी हो गई है कि पहले रार शुरू हो रही है, फिर रिश्तों में दरार पड़ जा रही है। नतीजा जमीन नहीं रह जा रही है, और रिश्तों का कत्ल कर दे रहे हैं।
बेटा बाप को नहीं समझ रहा है। भाई- भाई को नहीं समझ रहा है। विवाद में एक की मौत के बाद खत्म हो जा रहा है, तो दूसरा कानून के शिकंजे में फंसकर जिंदगी बर्बाद कर दे रहा है।
एक पखवाड़े के बीच दो घटनाएं सामने आईं। इसमें जमीन के लिए अपनों ने ही अपनों का खून बहा दिया। इसमें उसका थाना क्षेत्र में बड़े बेटे ने पत्नी के साथ मिलकर पिता की बेरहमी से हत्या कर दी।
वहीं, सदर थाना क्षेत्र में बड़े पिता ने पत्नी और बेटे के साथ मिलकर भतीजे पर वार करके मार डाला है। इस हत्या में भी जमीन ही कारण बना। जमीन के लिए अपनों के प्रति बढ़ते आक्रोश को समाजशास्त्री घातक बता रहे हैं।
उनका कहना है कि एकांकी जीवन की ओर लोग बढ़ रहे हैं। आपसी प्रेम कम हो रहा है, जबकि अपेक्षाएं बढ़ रही हैं। उसी की नतीजा है कि लोग अपनों को नहीं समझ पा रहे हैं।
जमीन के लिए उपजा विवाद : सदर थाना क्षेत्र के रेहरा गांव में शनिवार रात 25 वर्षीय आदर्श को उसके बड़े पिता ने अपने बेटे और पत्नी के साथ बेरहमी से पीट दिया। अस्पताल लाने के बाद इलाज के दौरान आदर्श ने दम तोड़ दिया। मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि एक जमीन के लिए इतना बड़ा विवाद हो गया। बड़े भाई व दूसरे भाई के बीच में जमीन का मसला था, लेकिन उनके बेटे को मार दिया गया। इसमें मरने वाला भी इकलौता था। वहीं, जो आरोपी हैं, उनका भी एक ही पुत्र है। जमीन वहीं रह गई और बेटे व पत्नी के साथ सलाखों के पीछे चले गए। रिश्ते का कत्ल भी हुआ।