संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर के लिए मुसीबत बन चुके बिना पंजीकरण वाले ई-रिक्शा चालकों पर अब शिकंजा कसा जाएगा। एआरटीओ की ओर से जांच अभियान शुरू किया गया। शनिवार को बिना पंजीकरण वाले 20 ई- रिक्शा का चालान किया गया। साथ ही अभियान लगातार चलाए जाने की बात कही गई।
हालांकि शहर में जाम का कारण बने ई- रिक्शा संचालन के लिए कोई रूट तय और स्थान निर्धारित नहीं किया गया है। अगर यह तय होता तो काफी हद तक लाभ मिलता। तीन साल से ई- रिक्शा के बाजार में आने के बाद हर गांव और कस्बे में 10 से 20 ई-रिक्शा है। जिला मुख्यालय के अलावा, बांसी, इटवा, डुमरियागंज, शोहरतगढ़ सहित प्रमुख चौराहों पर यह बड़ी तादाद में है। अगर देखा जाए तो इधर से एक निकला और दूसरा सामने आ गया। शहर के बाहर तो नहीं, लेकिन नगर तहसील मुख्यालयों पर इनकी बढ़ती तादाद जाम की वजह बन गई है।
जिला मुख्यालय के स्टेशन रोड, बर्डपुर तिराहा, सिद्धार्थ तिराहा, साड़ी तिराहा और बांसी तिराहा इनका ठिकाना है। इनकी वजह से अकसर मुख्य मार्ग से लेकर गली मोहल्ले में जाम की स्थिति बन जाती है। साथ ही अचानक सामने आने से ई- रिक्शा से लगातार सड़क हादसे भी हो रहे हैं। जांच में पाया जाता है कि इनका कोई पंजीकरण ही नहीं है। बिना नियम के यह बेधड़क दौड़ रहे हैं और लोगों की समस्या को बढ़ा रहे हैं। अब संभागीय परिवहन विभाग बिना पंजीकरण और नियम विरुद्ध चलने वालों पर कार्रवाई के लिए अभियान शुरु कर दिया।
शनिवार देर शाम बिना पंजीकरण के 20 ई- रिक्शा पर एआरटीओ सुरेश कुमार ने कार्रवाई की। इसके बाद अलग- अलग थानों में सौंप दिया। एआरटीओ ने बताया कि बिना पंजीकरण चलने वालों पर कार्रवाई के लिए अभियान चलेगा रहेगा। नियम के खिलाफ कोई नहीं चल पाएगा।