रेबीज का वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर)
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गोला इलाके के डाड़ी गांव में दुर्गा पूजा के दौरान गाय के दूध से तैयार प्रसाद के सेवन से रेबीज की आशंका से लोगों में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों के अनुसार, गाय को कुत्ते ने काटा था। गाय की मौत के बाद चिकित्सकों ने लक्षणों के आधार पर रेबीज की आशंका जताई थी। इसके बाद गांव में शिविर लगाकर ग्रामीणों में एंटी रेबीज का टीका लगाया गया। मंगलवार और बुधवार को कुल 450 लोगों को एंटी रेबीज टीका लगवाया।
डाड़ी चौराहे पर नवयुवक मंगल दल समिति की ओर से दुर्गा प्रतिमा स्थापित कर पूजा आयोजित की गई थी। समिति अध्यक्ष सुधांशु रंजन के अनुसार, सप्तमी को गांव के एक व्यक्ति के घर से दूध मंगाकर प्रसाद तैयार किया गया था। यह दूध चौराहे की कुछ चाय की दुकानों तक भी पहुंचा था। 19 अक्तूबर को गाय ने खाना-पीना छोड़ दिया और उसके मुंह से लार गिरने लगा। पशुपालक उसे राजकीय पशु चिकित्सालय, डाड़ी ले गए। वहां पशु चिकित्सक डॉ. जियाउल सिद्दीकी ने लक्षणों के आधार पर रेबीज की आशंका जताई। उपचार के बावजूद गाय की मौत हो गई। मंगलवार को ग्रामीणों ने गाय को जमीन में दबा दिया। गाय का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है।
शिविर में 450 लोगों का टीकाकरण
मामले की जानकारी मिलने पर समिति अध्यक्ष सुधांशु रंजन, ग्राम प्रधान आशा देवी और ग्रामीणों ने सीएचसी गोला को पत्र देकर टीकाकरण शिविर लगाने की मांग की। मंगलवार को 50 लोगों को टीका लगाया गया, जबकि बुधवार सुबह 10 से शाम तीन बजे तक चले शिविर में 400 लोगों का टीकाकरण हुआ।
फार्मासिस्ट सिद्धार्थ सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम में सीएचओ राजेश यादव और फार्मासिस्ट अंकिता, प्रियंका व अरशद शामिल रहे। सीएचसी प्रभारी डॉ. अमरेंद्र ठाकुर ने संभावित संपर्क में आए लोगों से चिकित्सकीय सलाह लेने और टीके की निर्धारित खुराक समय पर पूरी कराने की अपील की। उन्होंने कच्चा दूध पीने से बचने और दूध अच्छी तरह उबालकर इस्तेमाल करने की सलाह भी दी।
पूजा के दौरान प्रसाद ग्रहण किया था। गाय में रेबीज की आशंका से घबरा गए हैं। स्वास्थ्य विभाग सभी संबंधित लोगों का निर्धारित टीकाकरण पूरा कराए और किसी भी लक्षण की स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध कराए। - पवन सिंह, डाड़ी गांव
दुर्गा पूजा में माता का पट खुलने के बाद प्रसाद बांटा गया था। अगले दिन गाय की तबीयत बिगड़ने और उसकी मौत की सूचना मिली तो शिविर में टीका लगवाया और सभी निर्धारित खुराक पूरी होने के बाद ही राहत मिलने की बात कही। - राजेश गुप्ता, डाड़ी गांव
सीएचसी प्रभारी को टीकाकरण के लिए निर्देशित किया गया है। गांव में शिविर लगाकर टीकाकरण कराया जा रहा है। जिन्हें भी संक्रमण में आने की आशंका है वह टीकाकरण जरूर करा लें। - मनीष कुमार, एसडीएम, गोला
पालतू कुत्तों के टीकाकरण के लिए पशु चिकित्सालय में व्यवस्था उपलब्ध है लेकिन आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनके टीकाकरण की सुविधा फिलहाल उपलब्ध नहीं है। डाड़ी गांव में गाय की मौत के मामले में कुत्ते के काटने की आशंका जताई गई है। पशुपालकों को सलाह दी जाती है कि पशुओं में किसी भी तरह के असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल गोला पशु चिकित्सालय पर मौजूद डॉक्टर से अवश्य संपर्क करें। - डॉ. शिव प्रकाश मौर्य, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, गोला