डीजे की तेज आवाज के बीच दो दिन के नवजात की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पोस्टमार्टम में बच्चे के दोनों कान के पर्दे सामान्य और सुरक्षित मिले हैं। शरीर में ब्लड क्लॉटिंग भी नहीं पाई गई। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डीजे की तेज आवाज से मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है। अब मौत की असल वजह जानने के लिए विसरा सुरक्षित किया गया है। फोरेंसिक विशेषज्ञ की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ढेबरुआ थाना क्षेत्र के बढ़नी बाजार स्थित वार्ड नंबर नौ, रामजानकी मंदिर मोहल्ले में जावेद मनिहार पुत्र सई मोहम्मद के नवजात बच्चे की मौत हुई थी। बच्चे के पिता ने डीजे की तेज आवाज के बीच मौत होने की आशंका जताते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
चार डॉक्टरों के पैनल की निगरानी में हुआ पोस्टमार्टम
पुलिस की ओर से 22 अक्तूबर को जारी प्रेस नोट के मुताबिक, चार डॉक्टरों के पैनल की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया गया। जांच के दौरान दोनों कान के पर्दे सुरक्षित और सामान्य पाए गए तथा ब्लड क्लॉटिंग नहीं मिली। रिपोर्ट में डीजे की तेज आवाज से मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, पोस्टमार्टम के इन निष्कर्षों से मौत का अंतिम कारण भी स्पष्ट नहीं हुआ है।
मौत की वजह की आगे जांच के लिए विसरा सुरक्षित किया गया है। अब फोरेंसिक विशेषज्ञ की जांच रिपोर्ट से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
थानाध्यक्ष ढेबरुआ चंद्रकांत पांडेय ने बताया कि पोस्टमार्टम में डीजे की आवाज से मौत का कारण स्पष्ट नहीं है,विसरा प्रिजर्व कर दिया है,विसरा रिपोर्ट आने के बाद आगे की स्थिति क्लियर होगी।फिलहाल पुलिस मामले की सघनता से जांच कर रही है।