सिद्धार्थनगर। थाना इटवा के ग्राम पतिला में हत्या के बाद बोरे में बंद कर फेंकी गई युवती की लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। युवती की हत्या के आरोप में पुलिस ने चचेरे भाई को गिरफ्तार किया है। दावा है कि दुष्कर्म में असफल होने के बाद उसने युवती की गला दबाकर हत्या की। फिर अपने पिता की मदद से शव को ठिकाने लगाया। आरोपी पुत्र और उसके साथ पिता को भी पुलिस ने जेल भेज दिया है। टीम को एसपी ने पांच हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की। मामले के खुलासे में एसपी ने अमर उजाला के प्रयास को भी सराहा है।
पुलिस ऑफिस में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसपी महेंद्र यादव ने बताया कि मृतका नीलू यादव इटवा के यशोदा देवी कन्या इंटर कॉलेज में कक्षा 11 की छात्रा थी। पिता लालजी यादव कारोबार के सिलसिले में मुंबई में रहते हैं। गांव में चाचा सच्चिदानंद के साथ मृतका रहती थी। चचेरा भाई विजय यादव पूना में रहता है। दुर्गापूजा के मौके पर विजय घर आया था। पहली अक्टूबर को जब सभी खेत में काम से चले गए तो घर में अकेला देख चचेरे भाई विजय यादव ने नीलू यादव के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। नाकाम होने पर गला दबा कर हत्या कर दी।
घटना की सूचना पिता सच्चिदानंद को दी। पिता ने पुत्रमोह में आकर पड़ोसियों को सूचना दी कि नीलू की तबीयत खराब हो गई है और फिर लाश को ठिकाने लगाने के मकसद से नदी में फेंकने के लिए घर से निकले। इटवा चौराहे के पास पुलिस चेकिंग कर रही थी।
इससे घबरा कर पतिला गांव के रास्ते में शव को किनारे फेंक कर फरार हो गए। लाश बरामद होने के बाद से पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई। शिनाख्त के बाद पहले चाचा व परिवार के लोगों ने पहचान करने से इंकार कर दिया। इसके बाद से पुलिस का शक गहराता चला गया। कई चक्रों में पूछताछ की गई तो सच्चाई खुल कर सामने आई। खुलासा करने वाली टीम में एसओ इटवा शशिभूषण पांडेय, एसआई रामेश्वर यादव, विजय कुमार दुबे, आरक्षी सुरेंद्र कुशवाहा, विनय यादव आदि शामिल रहे। एसपी ने खुलासा करने पर टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा किया।