सिद्धार्थनगर। इसे सिर्फ संयोग कहेंगे या कोई गहरी साजिश। एक नाम के दो सख्श। नाम भी वही और पता भी वही। यहां तक कि पैन कार्ड का नंबर भी एक है। अपने दस्तावेज के आधार पर शिक्षक की नौकरी हथियाने की भनक लगने के बाद दूसरे सख्श ने विभाग में शिकायत की है। सकपकाए अफसरों ने फौरी कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक का वेतन रोक दिया है। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जा रही है। बीएसए का दावा है कि जांच के बाद एफआईआर भी दर्ज कराया जाएगा। मामला जिले के इटवा ब्लाक का है।
महराजगंज जिले के बौलिया राजा गांव निवासी अखिलेश कुमार पुत्र लक्ष्मीनारायण मिश्रा वहीं के उच्च प्राथमिक विद्यालय भरवलिया में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। उन्हीं के नाम का एक अन्य सख्श सिद्धार्थनगर जिले के इटवा ब्लाक में शिक्षक की नौकरी कर रहा है। नाम, पता, जन्मतिथि सहित अन्य विवरण एक होने की भनक के बाद पड़ताल की तो उनके होश उड़ गए। इटवा में तैनात शिक्षक का पैनकार्ड भी वही था, जो महराजगंज के अखिलेश को जारी है।
दस्तावेजों से मिलान के बाद उसने बीएसए को मामले से अवगत कराया। विभागीय अफसर भी इससे हैरान रह गए। फौरी कार्रवाई करते हुए वित्त एवं लेखाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने आरोपी शिक्षक के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है। इस संबंध में बीएसए अरविंद कुमार पाठक का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है।
मिलते-जुलते नाम होने से संभव है कि ऐसा हुआ हो। यह बेहद गंभीर प्रकरण है। इसकी जांच के लिए टीम गठित की जा रही है। जांच में अगर शिकायत सही मिली तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए कड़ी कार्रवाई होगी।