खुनियांव ब्लॉक में परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गाड़ी बेपटरी हो गई है। यहां अधिकांश स्कूलों का ताला खुलना मुश्किल हो गया है। नामांकन के सापेक्ष बच्चों की उपस्थिति काफी कम रहती है। इतना ही नहीं स्कूलों में बच्चों को सिर्फ कागजों में ही मध्याह्न भोजन खिलाया जाता है।
मंगलवार को क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों पर पहुंची अमर उजाला की टीम को कुछ ऐसा ही नजारा मिला। मंगलवार सुबह 11.10 पर प्राथमिक स्कूल धौरहरा पहुंचने पर वहां ताला लटकता मिला। उच्च प्राथमिक स्कूल बेलबनवां में रसोई घर के सामने झाड़ी उगी हुई थी। स्कूल की बाउंड्री भी नहीं है। दोपहर 11.55 बजे प्राथमिक व जूनियर स्कूल जलकरी खजुहा पर प्रधानाध्यापक मौजूद थे।
उन्होंने बताया कि उनके अतिरिक्त यहां पर दो शिक्षामित्र तैनात हैं। प्राथमिक स्कूल में पंजीकृत 136 बच्चों के सापेक्ष 70 और जूनियर स्कूल में 55 के सापेक्ष 32 बच्चे उपस्थित मिले। यहां एमडीएम में दाल चावल बना था। दोपहर 12.15 बजे प्राथमिक स्कूल मिश्रौलिया में 120 बच्चों के सापेक्ष महज 20 ही थे।
कक्षा 4 की छात्रा निधि और सौम्या ने बताया कि स्कूल में इस साल कभी खाना नहीं बना। 12.25 बजे प्राथमिक स्कूल कुनगाई यहां पहुंचने पर हेडमास्टर रमेशचंद्र 145 पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष महज 4 बच्चों को पढ़ाते मिले। दोपहर 1 बजे एक ही कैंपस में बने प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक स्कूल बनइटवा पहुंचने पर प्राथमिक स्कूल में नागेंद्र कुमार मिले। यहां भी आधी-अधूरी बाउंड्री ही बनी है।
हैंडपंप के बगल स्थित गहरे तालाब में बच्चों के गिरने का डर हमेशा बना रहता है। खंड शिक्षा अधिकारी पिंगल प्रसाद राणा ने बताया कि शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने वाले अध्यापकों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा। जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।