जिला अस्पताल में थर्मामीटर से जांच करते डॉ. गोविंद प्रसाद ओझा।
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ड्यूटी से कतरा रहे थे लोग, गोविंद ने स्वीकारी चुनौती
फ्लू कार्नर में 1800 संदिग्धों की कर चुके इंफ्रारेड थर्मामीटर से जांच
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल में पिछले 25 दिनों में 1800 संदिग्धों की इंफ्रारेड थर्मामीटर से जांच कर चुके फार्मासिस्ट गोविंद प्रसाद ओझा अपनी हिम्मत और हौसले से कोरोना के जंग में वारियर्स के रूप में अहम भूमिका निभा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग में सेवा देते हुए समाज को बचाने में सदैव अग्रणी रहते हैं। इनके जज्बे को हर कोई सलाम कर रहा है।
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय में 20 मार्च को फ्लू कार्नर की स्थापना की गई। इसके माध्यम से विदेश और गैर प्रांतों से आने वाले संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए चिकित्सकों और कर्मियों की टीम गठन की बारी आई। यहां की ड्यूटी करने से कई ने कदम पीछे हटा लिए। कोई बीमारी का हवाला देकर या कोई व्यक्तिगत समस्या बताकर मुक्त होने की गुहार की। इस बीच फार्मासिस्ट गोविंद प्रसाद ओझा ने खुद आगे बढ़कर कोरोना के जंग में उतरना सहर्ष स्वीकार किया। बिना भय और डर के फ्लू कार्नर में बीते 25 मार्च से अब तक 1800 संदिग्धों की इंफ्रारेड थर्मामीटर से स्क्रीनिंग कर चुके हैं। इनके सहयोग में विजय दुबे, नागेंद्र चौधरी, राम किशोर सिंहानिया, कंचन पटेल, विकास अहम योगदान दे रहे हैं। गोविंद ओझा कहते हैं कि कोरोना जैसे वैश्विक महामारी से लड़ने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य कर्मियों की कुछ ज्यादा ही रहती है। ऐसे में देश और समाज खुशहाल रहेगा तो परिवार भी सुरक्षित रहेगा। इसके लिए सभी को अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए आगे आना चाहिए।