बस्ती के संक्रमित युवक के 15 रिश्तेदार भर्ती
कोरोना के कारण मौत का शिकार हुए बस्ती के युवक के रिश्तेदार हैं लोग
बिस्कोहर की रहने वाली महिला एक माह पूर्व गई थी युवक के घर
जनाजे में भी शामिल हुए घर के दो सदस्य
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर/बिस्कोहर। कोरोना संक्रमण के कारण मौत का शिकार हुए बस्ती के युवक की बहन की ससुराल बिस्कोहर कस्बे के एक मोहल्ले की है। युवक की मौत होने पर महिला के पति सहित परिवार के दो लोग जनाजे में शरीक हुए थे। महिला मायके में एक माह पहले से ही थी, प्रशासन ने उसे वहीं रुकवा दिया। बृहस्पतिवार की देर रात एसडीएम और सीओ की मौजूदगी में परिवार के 15 सदस्यों को महिला चिकित्सालय के क्वारंटीन वार्ड में भर्ती कराया गया। सूत्रों के अनुसार बस्ती में जिस युवक की मौत कोरोना से हुई है उसकी बहन की शादी बिस्कोहर मुख्य बाजार निवासी एक व्यक्ति से हुआ है। महिला एक माह पहले से ही मायके में थी। युवक की मौत का समाचार मिलने पर जीजा और एक अन्य सदस्य जनाजे में शामिल होने बस्ती गए थे। दो दिन पूर्व बस्ती में कोरोना वायरस से ग्रसित होकर एक युवक की मौत हो गई थी। युवक के जीजा सहित दो लोग उसके जनाजे में शामिल थे और उसी शाम बिस्कोहर लौट आए थे। बृहस्पतिवार को महिला का पति राशन लेने के लिए कोटेदार के यहां गया था। देर शाम प्रशासन को इसकी जानकारी हुई। देर रात एसडीएम इटवा विकास कश्यप, सीओ डुमरियागंज महेंद्र सिंह देव, एसओ त्रिलोकपुर रणधीर मिश्र, चौकी इंचार्ज बिस्कोहर कन्हैयालाल मौर्य, डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा व स्वास्थ्य विभाग की टीम व बेसिक शिक्षा मंत्री के भाई अरुण द्विवेदी भी पहुंच गए। युवक और उसके परिवार के 15 सदस्यों को मेडिकल टीम ने महिला चिकित्सालय के क्वारंटीन वार्ड में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले की जानकारी जुटी है। स्वास्थ्य टीम के अनुसार अभी तक किसी को बुखार व जुकाम जैसे शिकायत नहीं मिली है।
कोटेदार के यहां से जुटा रहे जानकारी
प्रशासन अब उन लोगों की तलाश कर रहा है जो युवक की मौत के बाद इस परिवार के संपर्क में आए। बृहस्पतिवार को कोटेदार के यहां से राशन लेने गया था। पुलिस ने कोटेदार से युवक से पहले और बाद में राशन लेने वाले 25-25 लोगों की सूची मांगी है, इन लोगों का भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। बस्ती से आने के बाद युवक और परिवार के सदस्य किन लोगों से मिले थे इसकी भी जानकारी की जा रही है।
महिला को घर लाने से रोका
सीओ डुमरियागंज महेंद्र सिंह देव ने परिवार के सदस्यों को हिदायत देते हुए कहा कि महिला अगर बस्ती में है तो वह वहीं पर रहेगी। जब यह मामला शांत नहीं हो जाता है, उसे घर नहीं लाया जाएगा। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की बड़ी चूक
जिला लॉकडाउन घोषित है। जनपद की सीमा पूर्ण रूप से सील है। ऐसे में दो व्यक्ति गांव से निकलकर जनपद की सीमा का लांघते हुए बस्ती जिले में कैसे पहुंच गए, जहां पहले से ही पुलिस का पहरा लगा था। ये लोग जनाजे में भी शामिल हुए और वापस भी चले आए। किसी की नजर उन पर नहीं पड़ी और किसी ने उन्हें नहीं रोका। वह कितनों से मिले होंगे और संपर्क में आए होंगे। यह चिंता का विषय है। साथ ही कहीं न कहीं प्रशासन की चूक भी है।
चार लोगों के लार का सैंपल लिया
बस्ती के जिस युवक की कोरोना से मौत हुई थी। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के उसी वार्ड में डुमरियागंज थानाक्षेत्र के एक गांव का व्यक्ति भी भर्ती था। ठीक होने के बाद वह अपने घर चला आया था। मगर बृहस्पतिवार को जब जांच रिपोर्ट में युवक की मौत कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई तो परिवार के सदस्य चौंक उठे। इसके बाद मामले की जानकारी डुमरियागंज तहसील प्रशासन को दी थी। बुधवार की देर रात बीमारी हुए व्यक्ति सहित परिवार के चार सदस्यों को महिला चिकित्सालय के क्वारंटीन वार्ड में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को संदिग्ध मानते हुए चारों लोगों का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लार का सैंपल लिया। उसे केजीएमयू लखनऊ के लैब में जांच के लिए भेज दिया गया है।
निगेटिव आई रिपोर्ट
मोहाना थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी कोरोना वायरस के एक संदिग्ध मरीज का लार सैंपल केजीएमयू लखनऊ भेजा गया था। जांच में उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।