मफलर और स्कार्फ से भी कोरोना से कर सकते हैं बचाव
कोरोना से बचाव के लिए अन्य नियमों का पालन करना भी आवश्यक
सिद्धार्थनगर। सर्दी में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से बचाव के लिए जागरूक रहने की जरूरत है। डॉक्टरों के अनुसार सर्दी में मफलर और स्कार्फ से नाक, मुंह को ढककर कोरोना से बच सकते हैं। हालांकि जिले में कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति भी नहीं है।
राष्ट्रीय कोविड सुपर मॉडल समिति ने 2020 में कोरोना की तीसरी लहर की भविष्यवाणी कर दी थाी। अन्य राज्यों में कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन ने दस्तक दे दी है। बड़े शहरों में जिले के लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। इस कारण लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। वैसे तो कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगाना बेहतर विकल्प है। जबकि, पुरुष और महिलाएं मफलर, गमछा और स्कार्फ से चेहरा ढककर बाहर निकलें तो सर्दी के साथ कोरोना से बचाव होगा।
संयुक्त जिला चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि जिले के लोग कोरोना की पहली और दूसरी लहर की तबाही झेल चुके हैं। ओमिक्रॉन के मद्देनजर लोग नाक और मुंह को ढककर निकलें। इससे कोराना से बचाव होगा। बीमार लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। ऐसे लोगों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए। सामाजिक दूरी का पालन करते हुए सैनिटाइजर का प्रयोग शुरू कर देना चाहिए। कोरोना के नए वैरिएंट की दस्तक के बाद मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जिन लोगों ने टीके की दोनों डोज नहीं लगवाई हैं, उन्हें टीकाकरण जरूर करा लेनी चाहिए।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की असस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कनिका मिश्रा ने बताया कि कोरोना संक्रमण की आहट के दौरान लोगों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। सर्दी में घर में ही योग, व्यायाम करें, काढ़ा पीएं और पौष्टिक आहार लें। सर्दी में 24 घंटे में 3 से 4 लीटर पानी पीना चाहिए। क्योंकि पानी की कमी होने पर दिक्कत बढ़ने लगती है। सर्दी जुकाम या वायरल बुखार हो जाए तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं। दवा लेते हुए खुद को होम क्वारंटीन करें। डॉक्टर की सलाह पर आरटीपीसीआर या एंटीजन किट के माध्यम से कोरोना की जांच कराएं। कोरोना के लक्षण होने पर भयभीत होने की बजाए जागरुकता का परिचय दें। डबल लेयर के सूती या ऊनी कपड़े से नाक और मुंह ढका रहे तो भी कोरोना से बचा जा सकता है।