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पर्यटन की राह में फिर कोरोना बना ब्रेकर

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पर्यटन की राह में फिर कोरोना बना ब्रेकर
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सिद्धार्थनगर। नववर्ष की दस्तक से पहले ही पर्यटन की राह में कोरोना का ब्रेकर आ गया है। लगातार दूसरे साल भी इस खास मौके पर कोरोना की आहट से पर्यटन स्थलों के बेरौनक होने की आशंका है।
कोरोना संक्रमण से मिली राहत के दौरान पर्यटन को उभरने से पहले ही सतर्क होने की जरूरत महसूस होने लगी है। लोग बाहर की यात्रा निरस्त करके भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों से बचने लगे हैं।
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जिले में अगस्त से धीरे-धीरे पर्यटकों की संख्या बढ़ रही थी कि प्रदेश में ओमिक्रॉन की दस्तक हो गई है। पर्यटन के रिकॉर्ड के अनुसार, दक्षिण भारत के कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के पर्यटक अधिक आते रहे हैं। इनमें कर्नाटक, तमिलनाडु में कोरोना के ओमिक्रॉन स्वरूप खतरे की घंटी बजा दी है। कपिलवस्तु में पर्यटकों की संख्या भी दो वर्ष पहले की अपेक्षा काफी नजर आ रही है।
पर्यटन का माहौल बनता तो जापान, मलयेशिया, म्यांमार, श्रीलंका, सिंगापुर के पर्यटक भी इधर आते। वर्तमान में नेपाल के पर्यटक भी नहीं आ रहे हैं। इससे पर्यटन विकास का बड़ा झटका लगा है। जिला पर्यटन सूचना अधिकारी डॉ. मकबूल अंसारी ने बताया कि ओमिक्रॉन की दस्तक के कारण पर्यटन का नुकसान शुरू हो गया है। फिर स्थिति सामान्य होने के बाद ही पर्यटन की संभावना बढ़ेगी।
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डॉक्टर भी नहीं गए पर्यटन
वर्ष के अंत में करीब एक तिहाई डॉक्टर अपनी छुट्टियां मना रहे हैं। संयुक्त जिला अस्पताल में कम डॉक्टरों के माध्यम से ही इलाज किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस बार कम डॉक्टर ही परिवार के साथ पर्यटन स्थलों पर गए। सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखकर डॉक्टर बहुत सतर्क हो गए हैं। डॉक्टरों के किसी ग्रुप को पर्यटन पर जाने की जानकारी नहीं मिली है।
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