मेडिकल कालेज में सेंट्रल लैब का निर्माण का कार्य बंद होने से बिखरा सामान।
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में चार प्रोजेक्टों का कार्य अधूरे होने से मरीजों को अच्छी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इन सभी प्रोजेक्ट में ठेकेदारों ने भुगतान प्राप्त करने के बाद कार्य अधूरा छोड़ दिया। इस कारण चार साल बाद भी मेडिकल कॉलेज मुकम्मल आकार नहीं ले पा रहा है।
मेडिकल कॉलेज में मरीजों की स्थिति गंभीर होने पर रेफर करने की नौबत आ रही है। 42 बेड का पीआईसीयू, 10 बेड का एचडीयू, 300 बेड के अस्पताल में ऑक्सीजन पाइप लाइन एवं सेंट्रल लैब का काम अधर में है। लैब का कार्य अधर में होने से मरीज घंटों लाइन में लगने के बाद भी जांच करवाने में सफलता नहीं पाते हैं। ऐसे में मरीजों व उनके तीमारदारों को तो परेशानी हो रही है।
42 बेड का पीआईसीयू वार्ड का निमार्ण अधर में ः निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ने से मेडिकल कॉलेज में 42 बेड के पीआईसीयू का निमार्ण करवाया जा रहा है, लेकिन पिछले चार महीने से ठेकेदार ने कार्य नहीं बंद कर दिया है। जबकि, ठंड का मौसम शुरू होने से निमोनिया पीड़ित बच्चों को फिर रेफर करने की नौबत आएगी। जबकि पीआईसीयू के निमार्ण कार्य पूरा करने का समय भी समाप्त हो गया है। इसका निमार्ण कार्य लगभग 34 लाख रुपये के प्रोजेक्ट से किया जा रहा है।