सिद्धार्थनगर। कालानमक चावल को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। जिला प्रशासन ने एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की पूरी शृंखला को मजबूत करने पर जोर दिया है।
इसके तहत 1500 मीट्रिक टन धान खरीद और प्रसंस्करण के लिए सिंगापुर की कंपनी के साथ एमओयू किया गया है।
मंगलवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय पर कालानमक चावल कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) की जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कालानमक धान के उत्पादन को बढ़ाने के लिए किसानों के बीच कॉन्ट्रैक्ट खेती को व्यापक रूप से बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए गांव-गांव में प्रचार-प्रसार तेज किया जाए और अधिक से अधिक किसान गोष्ठियों का आयोजन किया जाए, ताकि किसान इस योजना से जुड़ सकें। साथ ही एसपीवी (स्पेशल परपज व्हीकल) के सदस्य किसानों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। सीएफसी के निदेशक अभिषेक सिंह ने जानकारी दी कि आगामी सत्र में 1500 मीट्रिक टन कालानमक धान की खरीद और प्रसंस्करण के लिए सिंगापुर की कंपनी “बुद्धा राइस” के साथ एमओयू किया गया है। इस समझौते से कालानमक चावल को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलने की संभावना जताई जा रही है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि एसपीवी से जुड़े किसानों के साथ-साथ अन्य किसानों को भी सुविधा दी जाएगी। जिन किसानों के पास चार टन से अधिक कालानमक धान होगा, उनके धान का प्रसंस्करण और परिवहन सीएफसी द्वारा निःशुल्क किया जाएगा। बैठक में जिला कृषि अधिकारी रविशंकर पाण्डेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, सहायक उपायुक्त उद्योग शिवशंकर कुमार सहित एसपीवी के सदस्य मौजूद रहे।