- नए बिजली घर के लिए 2019 में भेजा गया स्टीमेट फाइलों में रह गया कैद
- बिजली घर से 41 किमी है 33 हजार की दूरी, ओवर लोड होने से बार-बार होता है ट्रिप
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। लोटन क्षेत्र के सोहांस में नया बिजली घर बनाने के लिए 2019 में भेजा गया 22 करोड़ का प्रस्ताव अधर में लटका हुआ है। फीडर पर समय के साथ उपभोक्ता बढ़ गए, लेकिन बिजली घर बनाने की योजना फाइलों में दबी रह गई। नतीजा ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा लोटन क्षेत्र में बेदम साबित हो रहा है। बमुश्किल दो से तीन घंटे बिजली मिल रही है।
बारिश के बाद बिजली कटौती की समस्या और बढ़ गई है। अगर नया फीडर अस्तित्व में आया होता तो शायद लोगों को दुश्वारी नहीं झेलनी पड़ती। बिजली कटौती से छुटकारा मिलता। लोटन क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 2008 में बिजली घर का निमार्ण करवाया गया था। बिजली घर बनने के बाद लोटन बिजली घर पर सात हजार उपभोक्ता मौजूद थे। इससे लोगों को सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति की जा रही थी, लेकिन धीरे-धीरे लोग का कनेक्शन बढ़ता गया तो सप्लाई देने के लिए बिजली निगम ने लोटन बिजली घर पर तीन फीडर भी बना दिए। फीडर बनने के बाद भी लोगों को बिजली कटौती से छुटकारा नहीं मिल पाया।
2019 में दोगुना उपभोक्ता होने पर सोहांस में एक नया बिजली घर बनाने के लिए पत्राचार किया गया। इसके लिए बिजली निगम को 22 करोड़ का प्रस्ताव भी भेजा गया, लेकिन बिजली घर का बनाने की स्टीमेट फाइलों में ही दौड़ रही है। इससे लोगों को बिजली कटौती की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान समय में लोटन बिजली घर से 16427 उपभोक्ता जुड़े हैं। इसमें ठोठरी फीडर से नौ हजार उपभोक्ता, सोहास फीडर से 6210 उपभोक्ता व लोटन फीडर से 1217 उपभोक्ता जुड़े हैं। सोहास फीडर की बिजली महदेवा बाजार तक आती है। जबकि बिजली घर से महदेवा बाजार की दूरी लगभग 26 किमी से अधिक है।
33 हजार से बिजली घर की दूरी 41 किमी
सिद्धार्थनगर। लोटन के बिजली घर पर बिजली आपूर्ति करने वाले 33 हजार से बिजली घर की दूरी 41 किमी है। इससे अक्सर ओवर लोड की समस्या बनी रहती है। बिजली कर्मियों की माने तो नौगढ़ से सीधे लोटन फीडर को जोड़ने का प्रस्ताव हो गया है। इससे इसकी दूरी भी 18 किमी हो जाएगी, लेकिन अभी तक कार्य पूरा नहीं होने से लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
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एक और फीडर बनवाने का प्रस्ताव ब में अटका
सिद्धार्थनगर। ठोठरी फीडर पर उपभोक्ता अधिक होने से उसे दो फीडर में बदलने के लिए एक करोड़ का प्रस्ताव पास हो गया है। लेकिन बरसात अधिक होने से कार्य शुरू नहीं हो पाया है। जबकि ठोठरी फीडर को अलग करके सिकरी फीडर बनाने से लोगों को लोकल फाॅल्ट से छुटकारा मिलेगा। वहीं, फीडर अलग-अलग होने से ओवर लोड के समस्या से भी छुटकारा मिलेगा। संवाद
वर्जन
अभी मैं नया आया हूं, बिजली घर क्यों नहीं बना जानकारी नहीं है। जल्द ही फाइल मंगवाकर उसको संबंधित अधिकारी के पास भेजा जाएगा। इससे बिजली घर का निमार्ण जल्द ही शुरू हो जाएगा।
ज्ञानप्रकाश, एक्सईएन