सिद्धार्थनगर। जिले में बृहस्पतिवार को लेखपालों का धरना समाप्त हो गया। डीएम राजागणति आर की मौजूदगी में लेखपाल संघ के पदाधिकारियों के साथ बुधवार देर रात तक बैठक हुई। एडीएम उमाशंकर ने बताया िक बैठक में गंभीर आरोपों में निलंबित दो लेखपालों को छोड़ अन्य को बहाल करने समेत विभिन्न मांगों पर सहमति बनी है।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता को इटवा तहसील से शोहरतगढ़ तहसील में स्थानांतरण होने के बाद कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर बर्खास्त कर दिया गया, जिसके बाद लेखपाल संघ ने जिले के सभी तहसीलों में कार्य बहिष्कार करते हुए आंदोलन शुरू कर दिया था। प्रशासन व लेखपालों से वार्तालाप के बाद सहमति बनी कि कार्य बहिष्कार की अवधि में निलंबित छह लेखपालों को निलंबन से बहाल करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि व वेतन कटौती इत्यादि कार्य पर लौटने की दशा में प्रत्यावेदन प्राप्त कर अर्जित अवकाश से समायोजित किया जाएगा।
वर्तमान में जनपद के विभिन्न तहसीलों में विभागीय कार्यवाही के तहत निलंबित चल रहे आठ लेखपालों में से तहसील बांसी व शोहरतगढ के दो लेखपाल, जिनके विरूद्ध गंभीर आरोप है, उन्हे छोडकर शेष अन्य को बहाल किया जाएगा। वहीं लेखपाल संघ के अजय कुमार गुप्त की बर्खास्तगी संबंध कार्यवाही में उनका प्रत्यावेदन, अपील प्रस्तुत होने की दशा में दो सप्ताह में निस्तारित की जाएगी।
इसके साथ ही जनपद में कार्यरत लेखपालों, मृत व सेवानिवृत्त लेखपालों के सेवा व देयक संबंधी प्रकरण वेतन, जीपीएफ, एसीपी, जीआईएस, चिकित्सा अवकाश के बकाया से संबंधित प्रकरणों का 15 दिवस के अंदर कार्यवाही पूर्ण करने की सहमति बनी है। बैठक की कार्यवृत्ति की प्रति मिलने के बाद संघ के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष रणधीर यादव और जिला मंत्री आनंद गौतम ने आंदोलन स्थगित करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सहमति का अनुपालन नहीं होने पर संगठन दोबारा आंदोलन के लिए बाध्य होगा।