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नोटबंदी के खिलाफ कांग्रेस ने प्रदर्शन किया

Sat, 07 Jan 2017 10:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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Tibri sale of alcohol in the house of people who gathered outside to protest. - फोटो : amarujala
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सिद्धार्थनगर। नोटबंदी को देश का सबसे बड़ा घोटाला करार देते हुए कांग्रेसियों ने शनिवार को प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यालय से जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए इस घोटाले की किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नोटबंदी से आमजन को रही दुश्वारियां का ठिकरा भी केंद्र सरकार पर फोड़ा। देश में आर्थिक अराजकता कायम करने का आरोप लगाया।
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पार्टी कार्यालय पर हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि नोटबंदी भारत के गरीब, किसानों, मजदूरों, दुकानदारों, मध्यम वर्ग और छोटे कारोबारियों पर सर्जिकल स्ट्राइक है। देश की 86 फीसदी करेंसी को अचानक बंद करके पीएम मोदी ने 1 प्रतिशत कालाधन धारकों को पकड़ने के लिए 99 प्रतिशत ईमानदार, मेहनतकश वर्ग पर मुसीबतों का पहाड़ लाद दिया है। जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद तिवारी ने कहा कि नोटबंदी देश के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला साबित हुआ है। भाजपा ने पूरे साजिश के तहत कालेधन के कुबेरों को बचाने के लिए इसे प्रायोजित किया। कहा कि जिस दिन इसे लागू किया गया, उसी दिन कोलकाता बैंक में भाजपा के खाते में तीन करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा हुए। भाजपा और आरएसएस ने देश में सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्तियां खरीदी। प्रदेश उपाध्यक्ष ईश्वरचंद शु
क्ला ने कहा कि जहां एक तरफ देश के आम नागरिक बैंकों से अपना पैसा निकालने के लिए कई दिनों तक लाइन में खड़े होकर इंतजार कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ मोदी सरकार की सह पर 30 प्रतिशत के कमीशन पर काले धन को सफेद बनाने और नए नोटों में बदलने का खेल चल रहा है। नोटबंदी के 50 दिनों में 115 से अधिक लोगों की मौत हुई। पीएम इन परिवारों से माफी मांगकर उन्हें मुआवजा प्रदान करें। कार्यकर्ताओं ने बैंक से पैसा निकालने की पाबंदी हटाने, कैशलेस लेन-देन पर कमीशन बंद करने, किसानों को रबी की फसलों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 20 प्रतिशत बोनस देने, बीपीएल परिवार की एक महिला के खाते में 25 हजार रुपये जमा कराने, मनरेगा मजदूरों को काम के दिन और दिहाड़ी दोगुनी करने की मांग की।
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विरोध प्रदर्शन में पर्यवेक्षक मो.विलास, सच्चिदानंद पांडेय, पूर्व विधायक अनिल सिंह, अशोक श्रीवास्तव, डॉ. प्रमोद उपाध्याय, अनिल सिंह अन्नू, कृष्ण गोपाल, डॉ. रमेश चौधरी, राधेश्याम पांडेय, कैलाश पंक्षी, विजय सिंह, मोहरत राव, मशहूर अली, महेश कन्नौजिया, किरन शुक्ला, इसरार अहमद, देवेंद्र सिंह, डॉ.बख्तियार उस्मानी, अकरम अली, जितेंद्र तिवारी और अनिल सिंह अन्नू आदि मौजूद रहे।
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