सिद्धार्थनगर।
ठंड का कहर देखकर तराई क्षेत्र के लोगों को पहाड़ की सर्दी याद रही है। बर्फीली हवा के थपेड़े हाड़ कंपा रहे हैं। सोमवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहने से मकर संक्रांति पर भी लोग उत्तरायण सूर्य का दर्शन नहीं कर सके। बच्चों की पतंगबाजी का उत्साह भी कड़ाके की ठंड में कम दिखा। ऊनी कपड़ों से शरीर ढककर लोग घरों में दुबके रहे।
अनुमान लगाया जा रहा था कि मकर संक्रांति से मौसम करवट लेगा, मगर सोमवार को ठंड पहले से भी अधिक थी। न्यूनतम तापमान भले ही छह डिग्री सेंटीग्रेड पर अटका रहा, मगर आठ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहीं हवाएं लोगों को 4-5 डिग्री के ठंड का अहसास करा रही थी। नतीजा लोग घरों के बाहर निकलने को तैयार नहीं हुए। दिन भर खिड़की-दरवाजे बंद कर कंबल-रजाई में दुबके रहे। बच्चों की टोली छतों पर पतंगबाजी के लिए उतावली थी, मगर ठंड के तेवर देखकर अधिकांश घरों में अभिभावकों ने उन्हें रोक दिया। दोपहर तक कई इलाकों में कोहरा छाया रहा। ठंड के चलते बाजारों में भी रौनक गुम है। लोग चौराहों-तिराहों पर झुंड में अलाव तापते नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि सर्दी का ऐसा तेवर कभी पहले नहीं दिखा। सामान्य तौर पर भी मकर संक्रांति तक धूप आ जाती है, जबकि इस बार एक माह से लगातार लोग अच्छी धूप के लिए तरस रहे हैं।---
ठंड से महिला की मौत
सोहांस बाजार।
लोटन कोतवाली क्षेत्र के कौलपुर ग्रांट गांव के टोला मैनहवा में सोमवार की सुबह एक महिला की संदिग्ध हाल में मौत हो गई। परिवार के लोगों ने ठंड से मौत की आशंका जताई है। हालांकि, तहसील प्रशासन ने जानकारी होने से इनकार किया है।
कौलपुर ग्रांट मैनहवा निवासी जगदीश की परिवार की माली हालत खराब है। रोजगार के लिए वह जगदीश मुंबई में है, जबकि उसकी पत्नी इसरावती (35) अपने बच्चों साथ घर पर रहती है। बताया जा रहा है कि इसरावती को देर रात ठंड लग गई। सोमवार की सुबह उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। गांव के लोगों का कहना है इसरावती की मौत ठंड लगने से हुई है। इसरावती के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। गांववालों ने उसके पति जगदीश को सूचना दे दी है। इस संबंध में तहसीलदार नंदप्रकाश मौर्य ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। अगर ठंड से मौत हुई है तो हलका लेखपाल को भेजकर जांच करवाया जाएगा। नियमानुसार सहायता दी जाएगी।