उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले में बुधवार को जिला इकाई ने सीएमओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। छह सूत्रीय मांग पत्र को लेकर एनएचएम संविदा कर्मी व आशा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी और उपेक्षा के लिए विभागीय अफसरों को कोसा।
धरने में जिलाध्यक्ष मनीष पांडेय ने कहा कि यूपी की सफल स्वास्थ्य सेवाओं में 80 प्रतिशत योगदान संविदा स्वास्थ्य कर्मियों व आशा कार्यकर्ताओं का होता है। इनके हितों को अनदेखा कर प्रदेश सरकार 2 लाख 25 हजार परिवारों के साथ अन्याय कर रही है। एक तरफ मां और बच्चे को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों को संचालित कर रही है, वहीं विभाग के महत्वपूर्ण स्तंभों को सबसे कम वेतन भोगी की श्रेणी में रखा जा रहा है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने संविदा कर्मियों को पूर्ण समर्थन देते हुए कहा कि संविदा कर्मियों की सभी मांगे जायज हैं। सरकार को इनकी मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए। यूपी पब्लिक हेल्थ व मिनिस्ट्रियल एसासिएशन के जिलाध्यक्ष दीपेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि स्वास्थ्य कार्यक्रम के संचालन में एनएचएम कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। संविदा कर्मियों की मांगों को पूर्ण करते हुए सरकार को शासनादेश जारी करना चाहिए। इस दौरान दिनेश मिश्रा, ओपी द्विवेदी, हरीश यादव, अरविंद त्रिपाठी, वीरेंद्र मौर्या, रीता पांडेय, गीता गोस्वामी आदि मौजूद रहे।