सर्व शिक्षा अभियान से बच्चों का भविष्य संवारने के सपने दिखा रहे महकमे की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। कागजों पर स्कूल भले ही बेहतर चल रहे हों, मगर हकीकत में उनका संचालन भगवान भरोसे हो रहा है।
शनिवार को शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के विद्यालयों के भ्रमण के दौरान यह सच्चाई नजर आई। रिकार्ड में जो शिक्षक विद्यालय में तैनात हैं, उनका कहीं अता-पता नहीं। शिक्षण की जिम्मेदारी कोई बाहरी निभा रहा है। यही नहीं कई स्कूल अपनी मर्जी से बंद हैं। शासन का निर्देश एक तरफ स्कूल इंचार्जों की मर्जी सबसे ऊपर है।
अनियमितताओं की भेंट चढ़ी सरकारी शिक्षण व्यवस्था पर विभाग उदासीन है। शिकायत पर कार्रवाई तो दूर, जिम्मेदार बयानों में भी लापरवाह अधीनस्थों के बचाव में लगे हुए हैं। बीईओ जोगिया रमेश कुमार ने बताया कि शैक्षणिक कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसा हो रहा है तो जांच कर शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई के लिए बीएसए को पत्र लिखा जाएगा।