शोहरतगढ़। ठाकुर वेणी माधव सरस्वती विद्या मंदिर उदयराजगंज में गुरुवार को चाइनीज सामानों के वहिष्कार विषय पर संगोष्ठी का आयोजन वरिष्ठ समाजसेवी पंडित राकेश त्रिपाठी की अगुवाई में हुआ। इसमें वक्ताओं ने आतंकवाद को बढावा दे रहे देश चीन के बने उत्पादों की खरीद न करने का संकल्प विद्यार्थियों को दिलवाया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शिवपति पीजी कालेज के प्रवक्ता डॉ धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि सन 1954 में पंचशील समझौता भारत और चीन के बीच हुआ था। जिसका उल्लंघटन चीन बार-बार करता चला आ रहा है। देश की सुरक्षा को संभाल रहे भारतीय सैनिकों पर आत्मघाती हमला करने वाले पाकिस्तानी आतंकवादियों को चीन समर्थन देने लगा है। ऐसी परिस्थिति में हम सब भारतीयों को खुलेआम चीन के बने उत्पादों का बहिष्कार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हाल ही के वर्षों में 72 हजार करोड़ का कारोबार चीन अपना उत्पाद बेचकर भारत से किया है। जबकि भारतीय समान की बिक्री चीन में मात्र नौ हजार करोड़ रुपया ही हुई। मौर्य वंश के चाणक्य का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी को कमजोर करना हो तो सबसे पहले उसकी अर्थव्यवस्था को कमजोर करना होगा। इससे विरोधी स्वत परास्त हो जाएगा। आज भारत का विरोधी चीन के साथ चाणक्य की नीति को अपनाने का समय आ गया है।
प्रधानाचार्य हरिश्चंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि देश के सरहद पर तैनात सैनिकों के सम्मान में विद्यार्थी दीपावली की संध्या को पहला दीया जलाएंगे। इससे हमारे सैनिकों को और बल मिलेगा। उन्होंने पटाखा न जलाने, प्लास्टिक की थैली का प्रयोग न करने, पर्यावरण की सुरक्षा करने, जल का संरक्षण व जरुरत के अनुसार प्रयोग करने की अपील विद्यार्थियों से की।
इसके बाद विद्यार्थी रिया वर्मा, ज्योति यादव, गणेश चौबे, अंविकेश साहनी, आंचल चौबे, आंचल सिंह, प्रतिभा सिंह, पल्लवी पांडेय, ज्योति रावत, सत्यम मिश्र, दुर्गेश यादव, शुभम पांडेय, शिवम पाठक, शिखा षुक्ला, केशर सिंह, अनुपमा गिरी, रंजना चौधरी, वैष्णवी कसौधन, रमा मिश्रा आदि ने चाइना के बने सामानों का न प्रयोग करने का संकल्प लिया और चाइनीज उत्पादों को जलाकर नष्ट किया। इस दौरान अरुण कुमार मिश्र, चंद्रभान सिंह, विश्वनाथ पांडेय, हरिसहाय उपाध्याय, रामेंद्र शुक्ल, सर्वजीत आदि मौजूद रहे।