लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा में 36 घंटे का निर्जल व्रत शनिवार को शुरू हो गया। इसके पूर्व खरना के दिन श्रद्धालुओं ने उपवास रखा और शाम को प्रसाद ग्रहण किया। चार दिवसीय अनुष्ठान के तीसरे दिन रविवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। लोगों ने छठ पूजा के लिए जरूरी सामग्री की खरीदारी की। वहीं, प्रशासन भी पूरे दिन तैयारियों को मुकम्मल रूप देने में लगा रहा। नगर पालिका की तरफ से साफ-सफाई और पूजा एवं अर्घ्य देने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की गई। शाम को छठ घाट रोशनी जगमगा उठे।
बिहार एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक मनाए जाने वाला महापर्व छठ कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। छठ पूजा के दिन सूर्यदेव और षष्ठी मैया की पूजा की जाती है। साथ ही इस दिन शिव जी की पूजा भी की जाती है। इस त्योहार को सूर्य षष्ठी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता के अनुसार, छठ पूजा में संतान के लिए व्रत रखा जाता है।
इस बार 28 अक्तूबर को नहाय-खाय से छठ के पर्व की शुरुआत हुई और 31 अक्तूबर को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर इसका समापन होगा। छठ पूजा में दूसरे दिन खरना का मतलब शुद्धीकरण से है। खरना को पूरे दिन उपवास रखकर व्रतियों ने भोग तैयार किया। शाम को गुड़ की खीर का प्रसाद बनाया और पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण कर उपवास तोड़ा। अन्य लोगों में इसे प्रसाद के रूप में बांट दिया गया। इस प्रसाद को ग्रहण करने के बाद आस्थावानों का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो गया। इस दिन प्रसाद बनाने के लिए मिट्टी के नए चूल्हे और आम की लकड़ी का प्रयोग करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन जरूरतमंदों और गरीब लोगों की मदद करनी चाहिए, छठ पूजा का प्रसाद बनाते समय नमकीन वस्तुओं को हाथ नहीं लगाना चाहिए। इस दिन गरीब लोगों में खाना बांटा जाए तो छठ माता हर मनोकामना पूरी करती हैं।
अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य आज
छठ पूजा में तीसरे दिन रविवार शाम के समय भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। परंपरा के अनुसार, बांस की टोकरी में फल, ठेकुआ, चावल के लड्डू आदि से अर्घ्य के सूप को सजाया जाता है। इसके बाद, व्रती अपने परिवार के साथ सूर्यदेव की पूजा करते हैं। छठ पूजा का पहला अर्घ्य यानी अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पण 30 अक्तूबर को किया जाएगा। इस दिन सूर्यास्त का समय 05 बजकर 34 मिनट होगा।
बाजार में सजीं दुकानें, हुई खरीदारी
छठ पूजा के लिए गन्ना, फल एवं टोकरी की दुकानें बाजार में सजी हुई हैं। शनिवार सुबह से सिद्धार्थ चौराहे पर सजी दुकानों से व्रती और उनके परिजन यहां खरीदारी करते नजर आए। शहर, कस्बों और गांव तक के श्रद्धालुओं ने बाजार से खरीदारी की। मान्यता के अनुसार, भगवान सूर्य को स्टील, प्लास्टिक, शीशे, चांदी आदि के बर्तन से अर्घ्य नहीं देना चाहिए, इसलिए अन्य धातु के बर्तन की दुकानों पर भीड़ रही।
घाट पर पूजा की तैयारी
शहर के जमुआर नदी के घाट पर छठ पूजा के लिए साफ-सफाई और सजावट समेत प्रकाश की व्यवस्था में नगर पालिका के कर्मचारी लगे रहे। नदी में बैरिकेडिंग करने, घाट पर बैठने, दुकान लगाने की व्यवस्था की गई है। साथ ही तहसील एवं पुलिस प्रशासन लोगों के सुरक्षा एवं बचाव कार्य समेत विभिन्न तैयारियां करता दिखा। एसडीएम प्रदीप यादव, सीओ अखिलेश वर्मा ने घाट का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया।
सीसीटीवी कैमरे से होगी घाट की निगरानी
बांसी। राप्ती नदी तट पर छठ पूजा की निगरानी सीसीटीवी व ड्रोन कैमरे से होगी। एसडीएम प्रमोद कुमार, सीओ देवी गुलाम व नगर पालिका अध्यक्ष मो. इद्रीश पटवारी ने राप्ती नदी तट पर चल रहे कार्य का निरीक्षण किया।
एसडीएम प्रमोद कुमार ने कहा कि छठ पूजा के लिए आने वाली व्रती महिलाओं को किसी तरह की असुविधा न हो, इसका पूर ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने लोगों की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग, नाव की व्यवस्था तथा पूरे कार्यक्रम की निगरानी सीसीटीवी व ड्रोन कैमरा से करने की हिदायत दी।
निरीक्षण के दौरान कोतवाल वेद प्रकाश श्रीवास्तव, सदर लेखपाल गिरीश श्रीवास्तव, निलेश निषाद, रविंद्र वर्मा, इशरत जमील रिजवी आदि मौजूद रहे। संवाद
साफ कराए गए छठ घाट और पोखरा
बिस्कोहर। छठ पर्व के लिए शनिवार को दोपहर बाद नगर के श्री रामजानकी दुर्गा धाम मंदिर स्थित पोखरे की सफाई हुई। नगर पालिका की टीम ने पोखरे में फेंकी गई पूजन सामग्री के अवशेषों को साफ किया। शाम तक टीम सफाई कार्य में जुटी रही। इस अवसर पर लिपिक सुधीर कुमार रावत, विद्या प्रकाश मौर्य, मोनू गुप्ता मौजूद रहे। संवाद
एसडीएम व सीओ ने छठ घाट का किया निरीक्षण
बर्डपुर। शनिवार को एसडीएम प्रदीप यादव और सीओ सदर अखिलेश वर्मा ने छठ घाट का निरीक्षण किया। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने कहा छठ पूजा के दिन मौके पर पर्याप्त पुलिस बल लगाए गए हैं। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी संदीप कुमार भी मौजूद थे।