सिद्धार्थनगर। चैत्र माह में आने वाला वासंती पर्व श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस वर्ष 19 मार्च को कलश स्थापना के साथ चैत्र नवरात्र का शुभारंभ होगा। इसी दिन सनातन परंपरा के अनुसार नवसंवत्सर 2083, यानी हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होगी। नवरात्र के पहले दिन से ही श्रद्धालु नौ दिनों तक मां दुर्गा की उपासना, व्रत और विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। मंदिरों और घरों में कलश स्थापना कर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाएगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित राम नरायन शास्त्री के अनुसार इस बार चैत्र नवरात्र शुभ योग और नक्षत्र में प्रारंभ हो रहा है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत मंगलकारी माना जा रहा है। इस दौरान देवी उपासना, जप, तप और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। नवरात्र के नौ दिनों में श्रद्धालु मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 06:51 बजे से प्रारंभ होगी। इसी दिन प्रातः काल शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना की जाएगी। इस दिन गुली काल मुहूर्त सुबह 09:06 बजे से 10:33 बजे तक रहेगा। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:38 बजे से 12:24 बजे तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ समय माना जाता है। इसके अलावा चर, लाभ और अमृत मुहूर्त सुबह 10:33 बजे से दोपहर 02:57 बजे तक रहेगा, जिसमें कलश स्थापना और पूजा-अर्चना करना शुभ फलदायी माना गया है।
नवरात्र को लेकर जिले के मंदिरों में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिरों की साफ-सफाई और सजावट का कार्य किया जा रहा है। बाजारों में भी पूजा सामग्री, नारियल, चुनरी, फल-फूल और माता के शृंगार की वस्तुओं की खरीदारी बढ़ने लगी है।