सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में चल रहे पांच दिवसीय सिद्धार्थ उत्सव के तीसरे दिन बुधवार को युवाओं में सशस्त्र सीमा बल एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें उन्हें बल के कार्यों और उनके कर्तव्य और देश के प्रति समर्थन के बारे में जानकारी दी गई।
मुख्य वक्ता एसएसबी 43वीं वाहिनी के निरीक्षक नवल सिंह ने छात्रों को केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की संरचना, कार्यप्रणाली तथा देश की सीमाओं की सुरक्षा में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा का कार्य करती है, बल्कि स्थानीय नागरिकों के साथ समन्वय स्थापित कर सीमावर्ती विकास, जनसंपर्क और सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देती है। अपने वक्तव्य के दौरान निरीक्षक नवल सिंह ने युवाओं को केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की भर्ती प्रक्रिया से भी अवगत कराया।
उन्होंने भर्ती के विभिन्न चरणों, लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षण, चिकित्सा परीक्षण और साक्षात्कार, की विस्तार से जानकारी दी तथा विद्यार्थियों को तैयारी के व्यावहारिक सुझाव भी दिए। इसके साथ ही उन्होंने प्रतिभागियों को सीपीआर का प्रदर्शन कर आपात स्थिति में किसी व्यक्ति का जीवन बचाने के व्यावहारिक उपाय सिखाए।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स तथा एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट डॉ. प्रज्ञेष नाथ त्रिपाठी उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल युवाओं में देश सेवा की भावना को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि उन्हें अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व की ओर भी प्रेरित करते हैं। विश्वविद्यालय में एनसीसी के छात्रों के साथ सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा में युवाओं के अवसर विषय पर व्याख्यान दिया।