मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने बरेली के पुलिस अधीक्षक को न्यायालय की अवमानना के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने पूछा है कि आखिर बार-बार आदेश के बावजूद आपराधिक मामले के आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश क्यों नहीं किया जा रहा।
एसपी बरेली को जवाब के लिए चार जनवरी तक की मोहलत दी गई है। मामला इटवा थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। जिले के शाहपुर गांव निवासी अजय कुमार ने बरेली के भौजीपुरा निवासी सुशील कुमार और सतीश कुमार को 585 रुपये क्विंटल की दर से 148 क्विंटल पशु आहार बेचा था।
खरीदारों ने बैंक ऑफ बड़ौदा भोजापुर में स्थित अपने चालू खाते से चेक के जरिए 86580 रुपये का भुगतान किया। इस चेक को भुनाने के लिए अजय ने बैंक में संपर्क किया तो बताया गया कि खाता चेक जारी होने की तिथि से पहले ही बंद हो चुका है।
इस मामले में अजय कुमार की शिकायत पर थाना इटवा में सुशील और सतीश के खिलाफ जालसाजी की विभिन्न धाराओं के तहत जनवरी 2014 में मुकदमा दर्ज किया गया। कोर्ट ने आरोपियों को तलब करने के लिए कई बार समन भेजे, गिरफ्तारी का आदेश दिया, बावजूद बरेली पुलिस ने मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया।
आदेश का पालन न होने पर शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेेट चंद्रशेखर मिश्र ने आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने और एसपी बरेली को न्यायालय की अवमानना के तहत नोटिस जारी कर कारण स्पष्ट करने के आदेश दिए हैं। परिवादी के अधिवक्ता कन्हैया पांडेय के मुताबिक शनिवार को धारा 350 का नोटिस जारी कर कोर्ट ने एसपी बरेली को जवाब देने के लिए चार जनवरी तक की मोहलत दी है।