निकल गए खाते से साढ़े नौ लाख रुपये, सेक्रेट्री को पता नहीं
शौचालय निर्माण के लिए आई रकम को पात्रों को दिए बगैर हुई निकासी
खुनियांव ब्लॉक के लोहटामय पिपरा खुर्द गांव का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
इटवा। खुनियांव ब्लॉक के लोहटामय पिपरा खुर्द गांव में शौचालय निर्माण के लिए आए नौ लाख रुपये बिना पात्र व्यक्तियों को दिए ही खाते से निकासी का मामला प्रकाश में आया है। यहां तक कि इस रकम निकासी की जानकारी गांव में तैनात सेक्रेट्री को भी नहीं हो सकी।
खुनियांव ब्लॉक के लोहटामय पिपरा खुर्द गांव में शौचालय मद में आए साढ़े नौ लाख रुपये की धनराशि की सेंट्रल बैंक की शाखा से चेक के जरिए निकासी कर ली गई है। गांव के सेक्रेट्री को इस बात की जानकारी भी नहीं है। जबकि बिना उनके हस्ताक्षर के रकम की निकासी ही नहीं की जा सकती। गांव में तैनात रहे सेक्रेट्री ने भी स्वीकार करते हुए इसकी जानकारी खंड विकास अधिकारी खुनियांव को दी है। सेक्रेेटरी ने ग्राम प्रधान पर कूटरचित तरीका अपनाकर रकम निकासी की बात कही है।
ग्रामीणों के मुताबिक विकास खंड खुनियांव शुरू से ही विवादों में रहा है। जुलाई 2018 से जनवरी 2019 तक तैनात रहे ग्राम विकास अधिकारी हरेंद्रनाथ पांडेय की बगैर जानकारी ग्राम पंचायत के खाते से लगभग नौ लाख 51 हजार रुपये की रकम सेंट्रल बैंक की दो शाखाओं से निकासी कर ली गई। सेंट्रल बैंक की शाखा खुनियांव के कैशियर ऋषभ शाही का कहना है कि शुरुआत में एक आए चेक पर हस्ताक्षर में काफी भिन्नता पाए जाने पर सेक्रेट्री को जानकारी दी गई। मगर इनके द्वारा कोई कार्रवाई न करने पर बैंक ने इन्हें सूचित करते हुए अपनी शाखा से भुगतान से मना कर दिया। जबकि वह उसी समय सचेत हुए होते तो सरकारी धन का इस तरह फर्जी हस्ताक्षर बनाकर भुगतान नहीं हो पाता। सीडीओ हर्षिता माथुर ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। प्रथम दृष्टया रुपये की हेराफेरी की बात सामने आई है। मामले में आरोपी प्रधान पर समुचित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम प्रधान राम निहाल ने बताया कि लगाए गए आरोपों की जांच भी हुई है। जांच टीम ने संतुष्टि पाई है। कहीं कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण फंसाया जा रहा है। मैं केवल पांच तक पढ़ा हूं। मुझे केवल मेरा नाम लिखने आता है।