आरोपी हिरासत में, दुष्कर्म और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज
- लगातार छेड़खानी और बदसलूकी से परेशान होकर किशोरी ने की थी आत्महत्या
- जोगिया कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर/जोगिया। छेड़खानी से आजिज आकर किशोरी के आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, आत्महत्या के लिए उकसाने सहित अन्य धारा में केस दर्ज कर लिया है। चारों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं, देर रात पोस्टमार्टम हुआ और मंगलवार सुबह पुलिस की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
क्षेत्र के एक गांव में सोमवार देर शाम कक्षा आठ में पढ़ने वाली किशोरी ने कमरे में छत के कुंडे से फांसी लगाकर जान दे दी थी। पिता की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया कि गांव के ही रहने वाले चार युवक तीन माह से बेटी से छेड़खानी कर रहे थे। सोमवार शाम दूसरे गांव में स्थिति घर से लौटते समय उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश किए। इसी से आहत होकर घर पहुंचकर बेटी ने फंदे से लटक कर जान दे दी। पिता ने आरोपियों पर केस दर्ज कर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। तहरीर के आधार पर जोगिया पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, आत्महत्या के लिए उकसाने और पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धारा में केस दर्ज कर लिया। देर रात में ही एसओजी और पुलिस की अलग-अलग टीमों ने छापा मारकर चारों को पकड़ लिया। हिरासत में लेकर पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
इस संबंध में एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सभी के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धारा में केस दर्ज करके छानबीन की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर गांव और चौराहे पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। गड़बड़ी करने की कोशिश करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ चौराहा, हर तरफ दिखी फोर्स
मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के कारण पूरे चौराहे और आरोपियों के घरों को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। चौराहे पर जहां आम जनता की भीड़ होनी चाहिए, वहां पर हर तरफ पुलिस फोर्स तैनाती थी। साथ ही आरोपियों के घरों पर एक-एक थानाध्यक्ष की ड्यूटी लगा दी गई थी। बिना पुलिस की अनुमति के कोई आगे नहीं बढ़ पा रहा था। घटना से आक्रोशित होकर लोग कुछ नुकसान न कर पाएं। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस भ्रमण करती रही।
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हर बार करते रहे विवाद, किसी ने नहीं की समझाने की कोशिश
लोगों ने बताया कि इस बार तो घटना में चार ही शामिल थे। इनके साथ कई और भी रहते थे। बीते माह मोहाना क्षेत्र से आई एक बारात में महिलाओं से अभद्रता की थी। जब महिला के परिवारवालों ने प्रतिक्रिया की तो मारपीट की। उसी माह में गांव के बगल में आई एक बारात में एक लड़की से अभद्रता करने पर बारात में आए युवक ने बोला तो उसे मारपीटकर लहूलुहान कर दिया। इनका मनोबल लगातार बढ़ता रहा। आरोपियों पर अंकुश लग गया होता तो आज लड़की की जान नहीं जाती।
उलाहना देने पर आरोपियों ने किया विवाद
मृतका के पिता के मुताबिक वह बेटी को लगातार परेशान कर रहे थे। बेटी ने इस मामले की जानकारी दी तो घर पर उलाहना देकर लौट आए। इसके बाद सभी घर पर पहुंच गए और गाली-गलौज करने लगे। साथ ही मारने पीटने की धमकी भी दी।
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रात में पोस्टमार्टम, सुबह हुआ अंतिम संस्कार
बिटिया की मौत से परिवार के हर सदस्य का रो-रोकर बुरा हाल है। मामला और तूल न पकड़ने पाए, इसे ध्यान में देखते हुए पुलिस ने रात में शव का पोस्टमार्टम करवा दिया। सुबह होते ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। बिटिया की मौत से परिवार के साथ ही आसपास के लोग भी गमगीन दिखे। हर किसी की आंखें नम थीं।
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दुकानें की खुलीं, फिर भी सन्नाटा
जिस चौराहे पर मृतका का घर था, वहां हमेशा चहल-पहल रहता था। लेकिन मंगलवार को हर तरफ मायूसी ही दिखी। दुकानें तो खुली थीं, लेकिन सन्नाटा छाया था। जहां कुछ लोग बैठे दिखे, वह घटना से आहत थे और बेटी के बारे में चर्चा करते दिखे। लोगों का कहना था कि इतनी बड़ी घटना होगी कभी सोचा नहीं था।
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पुलिस की लापरवाही भी बड़ी वजह
लोगों के मुताबिक आरोपी और उनके कुछ साथियों का मन इस प्रकार बढ़ गया था कि वह रात दो बजे तक चौराहे और आसपास के गांवों की सड़कों पर घूमते थे। बारात और चौराहे से गुजरने वालों से अभद्रता करते थे। विरोध करने पर बवाल भी करते थे। लेकिन नियमित गश्त करने वाली पुलिस को यह कभी नजर नहीं आया। वह घूमते रहे और पुलिस ने उनसे कभी पूछताछ करने की जहमत नहीं उठाई। जबकि आरोपी चौराहे पर अपनी कार्य शैली को लेकर चर्चा में रहे। फिर पुलिस ने इनसे पूछताछ करना भी जरूरी नहीं समझा।
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दुष्कर्म करते हुए पकड़ा गया था एक आरोपी का पिता
चौराहे पर मौजूद लोगों में चर्चा थी कि घटना के एक आरोपी का पिता जिसकी उम्र 65 वर्ष से अधिक है। वह एक नाबालिग से दुष्कर्म करते हुए चार माह पूर्व पकड़ा गया था। लेकिन लोगों ने मामले को पुलिस तक पहुंचने पहले ही सुलह समझौता करवाकर मामले को दबा दिया था। कहीं न कहीं यह भी मनोबल बढ़ाने में अहम रहा।
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रास्ता रोकने से परेशान होकर एक लड़की ने बदली स्कूल
लोगों ने यह भी बताया कि इनका कृत्य इस प्रकार था कि गांव की ही रहने वाली एक लड़की रास्ता रोकने और टिप्पणी करने से परेशान हो गई थी। बीते साल यह मामला सामने आया था। लोकलाज बचाने के लिए लड़की के परिवारवालों ने उसका स्कूल ही बदल दिया था।