- डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के पिपरा रामलाल गांव में डीएम कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने की कार्रवाई
- छह बुलडोजर की मदद से करीब चार घंटे में जमींदोज किया गया मदरसा
- सपा विधायक, जिलाध्यक्ष समेत अन्य लोगों से पुलिस की नोकझोंक
सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज क्षेत्र के पिपरा रामलाल गांव में मंगलवार भोर में प्रशासन ने 58 साल पुराने मदरसे के सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बने हिस्से को बुलडोजर से ढहा दिया। डीएम कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने छह बुलडोजर की मदद से चार घंटे में यह कार्रवाई की पूरी की। ध्वस्तीकरण का विरोध करने पर सपा विधायक, सपा जिलाध्यक्ष और उनके कार्यकर्ताओं से पुलिस की नोकझोंक भी हुई। हालांकि कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार, पिपरा रामलाल गांव निवासी नरेंद्र श्रीवास्तव ने वर्ष 2022 में एसडीएम से गांव की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर मदरसा अरबिया जियाउल उलूम बनाने की शिकायत की थी। एसडीएम के आदेश पर लेखपाल ने मामले की जांच की। जांच के बाद उसने मदरसा को गांव के खेल मैदान और ग्राम समाज की भूमि पर निर्माण होने की रिपोर्ट दी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर नरेंद्र ने तहसीलदार न्यायालय में अवैध निर्माण के संबंध में बेदखली का वाद दायर कर दिया। तहसीलदार न्यायालय ने सरकार व मदरसा प्रबंधक अब्दुल सलाम पुत्र मो. इद्रीश की ओर से पेश साक्ष्य और सुनवाई के बाद 12 जून 2026 को अतिक्रमण के हिस्से की बेदखली का फैसला सुनाया।
इस आदेश के विरुद्ध अब्दुल सलाम ने जिलाधिकारी न्यायालय में अपील की थी। डीएम कोर्ट ने भी मामले की सुनवाई के बाद पांच अगस्त 2026 को तहसीलदार (न्यायिक) डुमरियागंज के आदेश को यथावत रखते हुए बेदखली का आदेश पारित कर दिया था।
हंगामे के बीच चलता रहा बुलडोजर, चार घंटे में जमींदोज
पथरा/औराताल। डीएम कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार सुबह करीब पांच बजे एडीएम गौरव श्रीवास्तव, उपजिलाधिकारी विवेकानंद मिश्रा पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। तहसील व पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने छह बुलडोजर की मदद से करीब चार घंटे में अतिक्रमण कर बने मदरसे के हिस्से को जमींदोज कर दिया। इस दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। सूचना पाकर मौके पर समर्थकों के साथ पहुंची सपा विधायक सैयदा खातून ने कार्रवाई का विरोध किया। इसके बाद सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव, सपा नेता कमाल अहमद समेत अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान पुलिस और विरोध कर रहे लोगों के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभालते हुए कार्रवाई पूरी कराई।
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1968 से संचालित है मदरसा
मदरसा प्रबंधक अब्दुल सलाम का कहना है कि वर्ष 1968 से ही मकतब/मदरसा संचालित हुआ था। जो कुछ लोगों की ओर से दी गई निजी भूमि गाटा संख्या 824 में संचालित था। इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था। यह वक्फ बोर्ड में भी दर्ज है। वर्ष 1998 में चिट फंड में भी रजिस्ट्रेशन कराया गया था। इस भूमि को गलत तरीके से खेल मैदान और ग्राम समाज की भूमि दर्शाया गया है। वहीं प्रशासन का कहना है कि गाटा संख्या 1028, रकबा 0.0630 हेक्टेयर (खेल का मैदान) और गाटा संख्या 1029, रकबा 0.0140 हेक्टेयर (ग्राम समाज) की भूमि पर अतिक्रमण कर मदरसा का निर्माण कराया गया था। अतिक्रमण कर बने हिस्से को ढहाया गया है।
पिपरा रामलाल गांव में सरकारी भूमि के दो गाटे पर अवैध कब्जा कर मदरसा बनाया गया था। इसे जिलाधिकारी व तहसीलदार (न्यायिक) न्यायालय से पारित आदेश के क्रम में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। -गौरव श्रीवास्तव, एडीएम
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प्रशासन ने बिना पक्ष सुने कार्रवाई की। मकतब/मदरसा में लगभग 400 बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे थे। इसके टूट जाने के बाद उन बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी, यह समझ में नहीं आ रहा है। -अब्दुल सलाम, मदरसा प्रबंधक
शिकायत पर कार्रवाई तो हुई पर यह अधूरी है। सरकारी भूमि बांसी-डुमरियागंज मार्ग से सटे तक है लेकिन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में आगे की दुकानों को छोड़ दिया गया है।- नरेंद्र श्रीवास्तव, शिकायतकर्ता
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मदरसा भवन गिराना लोकतंत्र का अपमान : माता प्रसाद
सिद्धार्थनगर। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के पिपरा रामलाल गांव में बने मदरसा को गिराना लोकतंत्र का अपमान है। सपा के जिला कार्यालय पर प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि जब यह मदरसा बना था तब कोई सरकारी भूमि चिह्नित नहीं थी। अब निजी भूमि में बने इस मदरसे को सरकारी भूमि में बताते हुए ध्वस्तीकरण करना प्रशासन की मनमानी है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग स्कूल और मदरसा गिराओ अभियान चला रहे हैं। उन्होंने पैमाइश की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ राजनीतिक द्वेषवश की गई है। इस दौरान विधायक सैयदा खातून, सपा जिलाध्यक्ष लालजी यादव, अब्दुल कलाम सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।