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Siddharthnagar News: 60 लाख से बदल जाएगी सीएचसी की सूरत, बढ़ जाएंगी सुविधाएं

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सीएचसी सिरसिया का भवन। 
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भनवापुर। ब्लॉक क्षेत्र की सीएचसी सिरसिया की अब सूरत बदलने वाली है। कई बार बाढ़ का दंश झेल चुके इस सीएचसी के भवन का कायाकल्प आरंभ हो गया है। करीब 60 लाख की लागत से हो रहे जीर्णोद्धार के बाद कुछ ही दिनों में यहां आने वाले मरीजों को यह बदला नजर आएगा। क्योंकि एक मंजिला भवन पूरी तरह से दुरुस्त हो जाएगा। मरीजों के वार्ड को बेहतर बनाने के साथ ही सुविधाओं से जुड़ा अन्य कार्य किया जाएगा।
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भनवापुर की सीएचसी सिरसिया में बाढ़ के दौरान पानी करीब तीन से पांच फीट तक भर जाता है। आधा दर्जन से अधिक बाढ़ झेलने के बाद इस अस्पताल की हालत काफी दयनीय हो चुकी थी। टूटे फर्श व टूट कर गिर रही दीवारों के प्लास्टर, सड़ चुके दरवाजे, टूटी खिड़कियों व शौचालयों की उखड़ी सीटें लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई थीं। सीएचसी सिरसिया के अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा के अथक प्रयास व जिलाधिकारी के निर्देश पर खंड विकास अधिकारी भनवापुर आलोक दत्त उपाध्याय के द्वारा क्षेत्र पंचायत से सीएचसी सिरसिया का जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा रहा है।
इस संबंध में बीडीओ आलोक दत्त उपाध्याय ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर 20 नवंबर तक कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया है। इसमें दीवारों पर पांच फीट ऊंचाई तक टाइल्स, फर्श पर टाइल्स, खिड़की, शौचालयों, दरवाजे, पेंटिंग व वायरिंग का काम कराया जाएगा। इसका कार्य प्रगति पर है। समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण होने की संभावना है।
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जीर्णोद्धार के साथ बढ़े सुविधाएं तो इलाज में मिलेगी सहूलियत
भनवापुर ब्लाॅक क्षेत्र की सीएचसी सिरसिया में करीब तीन लाख की आबादी की चिकित्सा सुविधा का जिम्मा है। क्षेत्र के गागापुर गांव निवासी देवेंद्र पांडेय ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बना सीएचसी सिरसिया का जीर्णोद्धार बहुत जरूरी था, जिसका कार्य कराया जा रहा है। इस अस्पताल पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती हो जाए तो लोगों को इलाज में सहूलियत मिलेगी।
सेमरा बनकसिया गांव निवासी मस्त राम पाठक ने कहा कि सीएचसी सिरसिया में भले ही सीएचसी का दर्जा दिया गया हो, मगर सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। इस अस्पताल में सृजित पदों के सापेक्ष जहां कम डॉक्टरों की तैनाती है, वहीं विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ ही संसाधनों का भी अभाव है। एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड के साथ ही कुछ रक्त जांच को छोड़कर सभी जांच बाहर से कराना मजबूरी है। इन सुविधाओं में इजाफे की जरूरत है।
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