सिद्धार्थनगर। ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर बसपा कार्यकर्ताओं ने काला दिवस के रूप में मनाया। कार्यकर्ता ईवीएम में गड़बड़ी करने को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देकर भाजपा पर जमकर बरसे। ईवीएम व्यवस्था को समाप्त करते हुए बैलेट पेपर से चुनाव करने की मांग की। पूर्व विधायक कमाल मलिक यूसुफ ने कहा कि सत्ता में आने के लिए भाजपा ने ईवीएम मशीन में बड़े पैमाने में पर गोलमाल किया है। यह जगजाहिर है और इसका कई जगहों पर प्रमाण मिला है। ईवीएम से वोटिंग बंद करके पुरानी व्यवस्था के अनुसार बैलेट पेपर से चुनाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सबका साथ सबका विकास का नारा जरूर दे रही है, लेकिन जबसे केंद्र की सत्ता में आई तीन वर्ष बीतने को है स्थिति वह पुरानी है। मंडल को-ऑर्डिनेटर राममिलन भारती ने कहा कि भाजपा वर्ग विशेष की राजनीति करती है।
जो न तो देश हित में है और न ही समाज हित में। जब से सूबे में सरकार बनी है तब से कई बड़ी आपराधिक घटनाएं हुईं, मगर सरकार इस पर लगाम लगाने में पीछे है। उन्होंने कहा कि जो खुद भ्रष्टाचार के दलदल में हैं, वह दूसरों पर कीचड़ उछालते हैं। कहा कि यूपी में सरकार बनाने के लिए पहले से ही ईवीएम को प्लांनिग के आधार पर सेट कर दिया था। इसलिए जो भी वोट पड़े वह सीधे भाजपा के खाते में जा रहे थे। जिलाध्यक्ष शेखर आजाद ने कहा कि ईवीएम में गड़बड़ी करके भाजपा सत्ता में जरूर आ गई है, लेकिन लोकसभा चुनाव में इसका खामियाजा जरूर भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ईवीएम व्यवस्था समाप्त कर पुरानी बैलेट पेपर व्यवस्था शुरू की जानी चाहिए।
इस दौरान मंडल को-ऑर्डिनेटर इरफान मलिक, जिला प्रभारी व पूर्व विधायक भगवानदास, जमील सिद्दीकी, लालचंद निषाद, हाजी अरशद खुर्शीद, सैय्यदा खातून, दिनेशचंद गौतम, चंद्रभान पहलवान, नाबेद रिजवी, बच्चराम, कोमल प्रसाद भारती, रामचंद्र शुक्ल, रामबहोर, ज्वाला प्रसाद राजभर, अमजद सिद्दीकी, रतन सागर, रामप्यारे, पीआर आजाद, श्यामाचंद्र गौतम, रामनयन, रणजीत गौतम, हसंराज और बृजमोहन आदि मौजूद रहे।