सिद्धार्थनगर। बेसिक शिक्षा विभाग में व्याप्त अनियमितताओं के विरोध में शुक्रवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने बीएसए कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं के तेवर के चलते ढाई घंटे तक बीएसए कार्यालय कक्ष में ही कैद रहे।
मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ से भी प्रदर्शनकारियों की बहस हुई। हंगामा कर रहे कार्यकर्ताओं ने बीएसए पर ट्रांसफर, पोस्टिंग और निरीक्षण के नाम पर शिक्षकों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्हें परिषदीय स्कूलों की बदहाली के लिए जिम्मेदार बताते हुए समाधान की मांग की। उनका कहना था कि जब तक समस्याएं दूर नहीं की जातीं, प्रदर्शन जारी रहेगा।
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक गुट ने परिषदीय स्कूलों में नामांकन, एमडीएम, ड्रेस वितरण में खामियों, राशन-तेल वितरण में गड़बड़ियों सहित किसानों की समस्याओं को लेकर बीएसए कार्यालय परिसर में पंचायत लगाई थी।
ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आए महिला-पुरुषों ने पंचायत के बाद बीएसए से वार्ता का कार्यक्रम तय किया था। दोपहर एक बजे बीएसए अजय कुमार सिंह कहीं जाने की तैयारी में थे, तभी कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया और नारे लगाने लगे।
प्रदर्शनकारियों के तेवर देखकर वह वापस दफ्तर में घुस गए। उनके पीछे बड़ी संख्या में महिला-पुरुष भी वहां पहुंच गए। काफी देर तक बहस जारी रही। प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते रहे। हंगामे की सूचना पर एसडीएम राजितराम प्रजापति, सीओ अकमल खां मौके पर पहुंचे।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की। पुलिस-प्रशासन के अफसरों के सामने भी भाकियू कार्यकर्ताओं के तेवर उग्र ही रहे। करीब ढाई घंटे तक हंगामा जारी रहा। अपराह्न साढ़े तीन बजे उच्चाधिकारियों ने मांगों पर जांच कर समुचित कार्रवाई का आश्वासन देकर हंगामा शांत कराया।
इसके बाद बीएसए समेत अन्य अधिकारी दफ्तर से बाहर निकल सके। प्रदर्शन करने वालों में भाकियू के जिलाध्यक्ष इश्तियाक अहमद, उपाध्यक्ष मोहम्मद शफीक, बस्ती मंडल अध्यक्ष पटेश्वरी चौधरी, इंद्रजीत, पप्पू बाबा, महेंद्र,अदालत, राकेश, छोटेलाल, राजेश, अर्जुनी, उपेन्द्र, कपिलदेव, देवेन्द्र, अनिल मौर्या, अमरावती, रितुरा, धनसीरा आदि शामिल रहे।