सकारपार। बिशुनपुर मुस्तहकम-हाटा खास मार्ग पर राप्ती नदी के पुल के धंसे एप्रोच की आखिरकार विभाग ने मरम्मत करा दी। इससे मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को फिलहाल राहत मिली है। अमर उजाला ने नौ अगस्त के अंक में समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
यह मार्ग करीब 40 गांवों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इससे रोजाना 50 हजार से अधिक आबादी का आवागमन होता है। पुल का एप्रोच बारिश के बाद धंस गया था और सड़क के किनारे गहरा गड्ढा बन गया था। घुमावदार सड़क होने के कारण यहां दुर्घटना का खतरा बना हुआ था। इसके अलावा सड़क किनारे पड़े बड़े पत्थरों के कारण रास्ता भी संकरा हो गया था।
अमर उजाला ने नौ अगस्त को ‘राप्ती पुल का एप्रोच धंसा, 50 हजार आबादी की राह में खतरा’ शीर्षक से खबर प्रमुखता प्रकाशित से उठाया था। इसके बाद विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मिट्टी और पत्थर डालकर क्षतिग्रस्त हिस्से को भरवा दिया।
एप्रोच में की मरम्मत से सड़क किनारे बना गहरा गड्ढा काफी हद तक समतल हो गया है। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के चालकों को पहले की अपेक्षा राहत मिली है। क्षेत्र के बृजेश चौबे, संजय पांडेय, शिव प्रसाद कन्नोजिया, खेदन लाल, रामनाथ यादव और गुड्डू विश्वकर्मा समेत अन्य लोगों ने समस्या के समाधान पर खुशी जताई। ग्रामीणों ने कहा कि विभाग ने समय रहते कार्रवाई कर राहगीरों की परेशानी कम की है।
ग्रामीणों ने अप्रोच की स्थायी मरम्मत कराने और जरूरत के अनुसार सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है ताकि दोबारा सड़क धंसने की स्थिति न बने।