शोहरतगढ़। बढनी, कोटिया, खुनुवां और बजहा बॉर्डर से चाइनीज लहसुन, उर्वरक खाद और चावल के बाद अब भारतीय सीमा से चावल से निकलने वाले ब्रान की नेपाल में तस्करी जोरों पर है। बताया जा रहा है कि भारतीय ब्रान की मांग नेपाल में बढ़ जाने से भारतीय बाजार में बरान की कीमत बढ़ गई है। इसे लेकर पशुपालकों में चिंता बढ़ गई है।
उन्हें रुपये की जगह 10 रुपये प्रति किलोग्राम ब्रान मिल रहा है। वहीं नेपाल में इसी ब्रान की कीमत भारतीय मुद्रा में 2000 प्रति क्विंटल है। तस्कर बिक्री कर मोटी कमाई कर रहे हैं।
भारतीय सीमा के गांवों व चौराहों पर बड़े-बड़े व्यापारी चावल से निकले बरान की खरीदारी कर गोदामों में स्टोर कर रहे हैं। रात और भोर में बाॅर्डर पार कर दे रहे हैं। नेपाल में इस ब्रान से तेल निकाल कर उससे बचे वेस्ट से मुर्गी का दाना बनाया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक चावल से निकले बरान नेपाल के पहाड़ी इलाकों में शराब भी बनाते हैं। इससे बनी शराब पहाड़ के लोग इस्तेमाल करते हैं। गब्बर, मनोज, सोनू ने बताया कि 10 साल पहले जब पैदल प्रभुनाथ जाते थे तो पहाड़ों पर इसी ब्रान से बने शराब का इस्तेमाल करते थे, जो आज भी बनाया जाता है। नेपाल में ब्रान की तस्करी होने से भारतीय बाजार में 8000 प्रति क्विंटल से 10000 हजार हो गया है। जिससे यहां के पशुपालक 8000 रुपये प्रति क्विंटल खरीद कर पशुओं को खिलाते थे। इस समय उन्हें 2000 हजार रुपये अधिक देकर खरीदारी करनी पड़ रही है। जिसकी वजह से उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।