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यहीं पैदा हुए, यहीं मरेंगे, नहीं जाएंगे

Thu, 28 Jul 2016 10:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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नौगढ़ क्षेत्र के कुढ़वा गांव में घुसा बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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भनवापुर। बाढ़ के खतरे को देखते हुए ग्रामीणों को बाहर निकालने पहुंचे प्रशासन को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। खंता, विष्णुपुर, औरंगाबाद सहित कई गांवों के लोगों ने घर छोड़कर जाने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि यहीं पैदा हुए हैं और यहीं मरेंगे, गांव छोड़कर नहीं जाएंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में राहत सामग्री पहुंचाने की मांग की है। इसे लेकर उन्होंने गुरुवार को एसडीएम का वाहन भी रोक दिया।
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बेतनार गांव के पास राप्ती नदी का कटान रोकने के लिए 7 जुलाई से मरम्मत काम जारी है। इस बीच नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने तटवर्ती स्थित खंता, विष्णुपुर, औरंगाबाद सहित अन्य गांवों को बुधवार की शाम ही खाली करने के निर्देश दिए, मगर ग्रामीण गांव से नहीं हटे। स्थिति गंभीर होने पर गुरुवार की सुबह अफसर दोबारा गांव पहुंचे तो ग्रामीण भड़क उठे।
गांव के नूर मोहम्मद अंसारी, सलमान, चांद मोहम्मद, मौलाना फरियाद, शफीक अंसारी, तुफेल अहमद, जाकिर आदि ने कहा कि वह कहीं नहीं जाएंगे। प्रशासन गांव में ही खाने-पीने का इंतजाम कराए। इसे लेकर ग्रामीणों ने एसडीएम विनय कुमार पाठक का वाहन भी रोक लिया। एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन हरसंभव मदद के लिए तत्पर है। जरूरी सामान लेकर बाहर जाना चाहें तो भी सुरक्षित स्थान की व्यवस्था की गई है।
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