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Siddharthnagar News: सीमा पर कस्टम में नरमी... रोजमर्रा के सामानों की आवाजाही आसान, तस्करों पर बढ़ी निगरानी

Fri, 01 May 2026 01:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। नेपाल में बालेंद्र शाह के नेतृत्व में वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद सीमावर्ती इलाके में रोजमर्रा के 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर लगाई कस्टम ड्यूटी हटा ली गई है। इससे सीमावर्ती इलाके दुकानदारों के कारोबार और नेपाल में सामान लेकर जाने वालों को बड़ी राहत मिली है। सीमा पर इस नरमी से जहां रोजमर्रा के सामानों की आवाजाही आसान हुई है, वहीं तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।
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जिले के मुख्य तीन बार्डर बढ़नी, खुनुवां और ककरहवा है। इसमें बढ़नी में कुछ दिन जांच-पड़ताल चली और टैक्स लिया गया जबकि, खुनुवां और ककरहवा में रोजमर्रा की खाद्य वस्तु या कपड़ा आदि पर कोई भंसार शुल्क नहीं वसूला जा रहा था। बृहस्पतिवार को बार्डर की पड़ताल की गई तो सामान्य आवाजाही जारी रहा। वहीं, बाजार से खाने पीने की वस्तु और कपड़ा लेकर जाने वाले से नेपाल में भी कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा था। शादी-ब्याह के उपहारों पर शादी कार्ड दिखाकर ले जाने पर भी कस्टम ड्यूटी नहीं ली जा रही थी। वहीं, व्यवसायिक सामान पर जांच के बाद भंसार लिया जा रहा था। सीमावर्ती इलाके के दोनों तरफ की आम जनता और कारोबारियों ने बताया कि अभी स्थिति ठीक है। सामान्य आवाजाही हो रही है।

सीमा पर कस्टम में नरमी
खुनुवां। नेपाल सरकार के पुराने वर्ष 1991 के राजस्व आदेश के तहत एक सौ रुपये भारतीय से अधिक मूल्य के सामानों पर पांच प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक कस्टम शुल्क लगाने का प्रावधान है। हालांकि, वर्तमान में जनता के रुख को देखते हुए सीमा पर इस नियम में मौखिक रूप से कुछ हद तक ढील दी गई है। इसका असर यह है कि अब दैनिक जरूरत के सामान नेपाली नागरिक भारतीय सीमा क्षेत्र के बाजारों से खरीदकर आसानी से अपने देश ले जा रहे हैं। सीमा पर तैनात सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) के जवान चेकिंग के बाद आम लोगों को आवश्यक वस्तुओं के साथ आने-जाने में अधिक बाधा नहीं दे रहे हैं।
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वहीं, शादी-विवाह जैसे अवसरों पर मिलने वाले उपहार जैसे फ्रिज, कूलर, टीवी, ट्रंक आदि सामानों पर भी कस्टम ड्यूटी नेपाली बाजार मूल्य के आधार पर अपेक्षाकृत कम दर से वसूली जा रही है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल रही है। इधर, 9 अप्रैल 2026 को जारी एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) के आधार पर कस्टम शुल्क लेने संबंधी आदेश को लेकर स्थिति स्पष्ट है कि यह प्रावधान केवल थर्ड कंट्री (तीसरे देश) से आयातित सामानों पर लागू होता है। खुनुवां बॉर्डर से ऐसे सामानों का प्रवेश नहीं होने के कारण स्थानीय स्तर पर इसका विशेष प्रभाव नहीं दिख रहा है।
नेपाल पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। विशेष रूप से वे लोग जो भारत से बार-बार सामान लाकर गोदामों में जमा कर राजस्व की चोरी करते हैं, उनके खिलाफ निगरानी बढ़ा दी गई है। तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।

बिना एमआरपी वाले उत्पादों के लिए नई व्यवस्था

ढेबरूआ। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बढ़नी-कृष्णानगर बॉर्डर पर इन दिनों घरेलू सामान ले जाने वाले आम नागरिकों को बड़ी राहत दी जा रही है। दैनिक उपयोग की वस्तुओं जैसे खाने-पीने के सामान और दो-चार जोड़ी कपड़ों की आवाजाही पर कस्टम विभाग ने मानवीय आधार पर नरमी बरती है। स्थानीय निवासी अजय कुमार, अनीस अहमद और खालिद ने बताया कि व्यक्तिगत जरूरतों के लिए खरीदे गए सामानों पर अब अनावश्यक रोक-टोक नहीं हो रही है। इसी के साथ भंसार विभाग ने बिना एमआरपी वाले सामानों को लेकर चल रहे विवाद का भी स्थाई समाधान निकाल लिया है। अब ऐसे सामानों को सीमा पार ले जाने के लिए लिखित में यह घोषणा करनी होगी कि सामान कितने में खरीदा गया है और नेपाल में उसे किस मूल्य पर बेचा जाएगा। नियमों के मुताबिक, बिना मूल्य अंकित किए नेपाल में सामान बेचने पर पाबंदी रहेगी। वहीं, शादी-विवाह के सीजन को देखते हुए प्रशासन ने फ्रिज, कूलर, वॉशिंग मशीन और एसी जैसे भारी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर भी विशेष रियायत दी है। शादी का निमंत्रण पत्र (कार्ड) दिखाने पर इन सामानों का भंसार कॉमर्शियल रेट के बजाय काफी कम दरों पर किया जा रहा है।

ककरहवा में सामान पर टैक्स नहीं
ककरहवा। भारत नेपाल सीमा के ककरहवा बाॅर्डर पर सुरक्षा बलों की ओर से संयुक्त जांच अभियान चलाया जा रहा है। सीमा पार करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पहचान पत्र की जांच की जा रही है और सामान की जांच के बाद ही आने-जाने की अनुमति दी जा रही है। सीमा पर सख्ती के बावजूद दोनों देश के नागरिकों का आना जाना सामान्य ढंग से हो रहा है। कस्टम नियमों का पालन करते हुए रोजमर्रा का घरेलू सामान सब्जी, मसाला, दाल, चावल, चीनी कपड़ा, बर्तन आदि सीमित मात्रा में सामान पहले की तरह आ जा रहा है। सीमाई क्षेत्र के लोगों का कहना है कि हम लोगों के यहां शादी-विवाह एक-दूसरे देश में सदियों से होता आ रहा है। शादी विवाह में मिले उपहार को ले जाने में कभी कोई रोक रोक नहीं रहा और न ही हो रहा है। बाॅर्डर पर सुरक्षा एजेंसियां काफी सक्रिय है। बाॅर्डर पर तस्करी रोकथाम, मानव तस्करी, कानून व्यवस्था, सीमाई क्षेत्रों में शांतिपूर्ण माहौल कायम रखना, विदेशी नागरिकों के अवैध घुसपैठ को रोकना तथा सीमाई क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा भावना पैदा करने के उद्देश्य से समय समय पर दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच बैठक होता रहता है।
कृष्णानगर भंसार कार्यालय के कस्टम ऑफिसर मयंक कुमार कर्ण ने आधिकारिक पक्ष रखते हुए बताया कि नियमत के अनुसार, 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर भंसार प्रक्रिया अनिवार्य है और नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। आम आदमी की बुनियादी जरूरतों और व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए उन्हें आने-जाने की अनुमति दी जा रही है। व्यापारिक लाभ के लिए बिना भंसार सामान ले जाने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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