पडरौना। जिले में परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की किताबें जिले पर पहुंचने लगी हैं। इसका सत्यापन कराया जाएगा। शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले विद्यालयाें तक किताबों को पहुंचा दिया जाएगा। इसकी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। निपुण भारत मिशन को सफल बनाने के उद्देश्य से कक्षा एक से तीन की किताबें सबसे पहले भेजे जाने की तैयारी है।
जिले में कुल 2464 परिषदीय विद्यालय हैं, जिनमें करीब 2.30 लाख विद्यार्थियों का नामांकन है। हर साल किताबें मिलने में देरी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। किताबें जिले में पहुंच भी जाएं तो उनका सत्यापन कर वितरण होने में समय लगता है। लेकिन इस साल फरवरी के अंतिम सप्ताह से ही किताबें जिले पर पहुंच लगी हैं। प्रभारी डीसी सामुदायिक अखिलेश चौधरी ने बताया कि शैक्षिक वर्ष 2025 में कुल 2,38,580 विद्यार्थियों का नामांकन था। इसके सापेक्ष जिले में 26,82,841 किताबों की मांग की गई है। इसमें से 18,34,425 यानी कुल 69 प्रतिशत किताबें जिले में आ गई है। मांग के सापेक्ष 8,48,416 किताबें अभी आने वाली है। जिले में प्राप्त पुस्तकों का सत्यापन कार्य तेजी से कराया जा रहा है। बीएसए डॉ. रामजियान मौर्या ने बताया कि एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए शैक्षिक सत्र में परिषदीय विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों को समय से किताबों उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि उन्हें पढ़ाई करने में दिक्कत न हो। जिले मेंं प्राप्त पुस्तकों का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन पूरा होने के बाद उसे बीआरसी पर भेजवा दिया जाएगा। इसके बाद न्याय पंचायत स्तर से विद्यालयों को उपलब्ध कराकर विद्यार्थियों में वितरित किया जाएगा।