जिला पंचायत कार्यालय के सभागार में आयोजित सदस्यों के साथ बैठक में उपस्थित सांसद जगदंबिका पाल,
सिद्धार्थनगर। जिला पंचायत सभागार में शनिवार को बोर्ड की बैठक हुई। इसमें विकास के लिए 336 करोड़ रुपये बजट पारित किया गया है। इससे आने वाले दिनों में जिले में विकास कार्य होंगे। बैठक सड़क और बिजली का मुद्दा छाया रहा। कहीं लंबे समय तक सड़क न बनाए जाने पर नाराजगी जाहिर की गई तो कहीं टूट बिजली के पोल और बांस-बल्ली से बिजली आपूर्ति पर विभाग के जिम्मेदारों से सवाल-जवाब किए गए। वहीं, सांसद और विधायक के समक्ष समस्या और विकास कार्याें को लेकर बात रखी।
जिला पंचायत सभागार में दोपहर करीब एक बजे से बोर्ड की बैठक शुरु हुई। शुरुआत होते ही सदस्याें ने अधिकारियों को घेरना शुरु कर दिया। जिला पंचायत सदस्य सुखराज यादव ने एक तालाब की खुदाई करने के बजाय बजट निकाल लेने और उसकी पटाई भी कर देने का आरोप लगाते हुए सीडीओ से जांच की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने कई सड़कों का नाम गिनाए जो जिला पंचायत से बनी हैं, लेकिन अभी तक बदहाल हैं और निर्माण नहीं कराया गया है।
वहीं, जिला पंचायत सदस्य अनीता द्विवेदी ने क्षेत्र में बिजली के लटके तार से हादसे की आशंका जताई और व्यवस्था पर सवाल उठाया और विभाग के अभियंता से जल्द से जल्द निस्तारण करने की मांग की। इसी प्रकार उसका क्षेत्र के सदस्य इंद्रमणि यादव ने बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति कई साल से किए जाने और उससे होने वाले हादसे को बताया और कहा कि वह कई बैठक में सवाल उठा चुकी हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। हम जनता को क्या जवाब देंगे। कहा कि जबतक समस्या का समाधान नहीं होगा आवाज उठाते रहेंगे।
इसी तरह भनवापुर क्षेत्र के सदस्य प्रदीप कसौधन ने कहा कि उनके क्षेत्र के सोहना में डॉक्टर के न होने के कारण महिलाओं का प्रसव नहीं हो पाता है। बहुत परेशानी है। उन्होंने सीएमओ से डॉक्टर की तैनाती और नियमित बैठने की मांग की। इस पर सीएमओ ने कहा कि जनपद में पद के सापेक्ष डॉक्टरों की कमी है। शासन में इसे अवगत करवाया गया है। विधायक सैय्यदा खातून ने क्षेत्र के कई सड़कों और अस्पताल के मरम्मत की बात कही। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कई सड़कें ऐसी हैं जो लंबे समय से खराब हैं, उसके निर्माण की जरूरत है। सांसद जगदंबिका पाल ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि