फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसएसबी जवान रक्तदान कर बचा रहे हैं लोगों की जिंदगी

विज्ञापन
रक्तदान करता एसएसबी का जवान (फाइल फोटो ) - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
विज्ञापन
एसएसबी जवान रक्तदान कर बचा रहे हैं लोगों की जिंदगी
विज्ञापन

महादान से 100 से अधिक लोगों की एक साल में बचाई जान
श्याम सुंदर तिवारी
सिद्धार्थनगर। सरहद की रखवाली करने के साथ साथ मानवता की रक्षा करने में भी एसएसबी के जवान तत्पर हैं। भले ही कोई रिश्तेदारी न हो व न ही कोई पहचान हो। लेकिन एसएसबी जवानों की आम नागरिकों के साथ एक अनमोल रिश्ता है। जवान अपने बूंद-बूंद रक्त से बेजान जिंदगी में प्राण फूंकने का काम भी कर रहे हैं। पिछले साल एसएसबी जवानों ने सैकड़ों लोगों की जिंदगी बचाकर उन्हें नई रोशनी दी है। इनमें चार ऐसे हैं, जो जीने की आस छोड़ चुके थे, लेकिन एसएसबी जवानों ने रक्त देकर उनकी जिदंगी बचा ली।
भारत-नेपाल की 68 किलो मीटर की खुली सीमा की निगरानी एसएसबी के जवानों के कंधों पर हैं। इस काम के साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर, खेल का आयोजन भी करते हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल पर समय-समय रक्तदान शिविर में पहुंचकर रक्तदान भी करते हैं। अगर भीमापार स्थित एसएसबी के मुख्यालय पर कोई जरूरतमंद पहुंच जाता है, तो वहां से भी जवान अस्पताल पहुंचकर उनकी मदद करने के साथ उन्हें ब्लड देने का काम कर करते हैं। वर्ष 2019 में जवानों ने 100 यूनिट रक्तदान कर चुके हैं।
विज्ञापन

खून का रिश्ता नहीं आया काम, काम आए जवान
एसएसबी से मिले आंकड़ों पर गौर करें तो संगीता निवासी पकड़ी, सलामुद्दीन निवासी मधवापुर थाना सदर, आयुषी निवासी सिरसिया थाना इटवा, कविता निवासी इनरी ग्रांट थाना इटवा। ये वे लोग हैं, जिनका ब्लड के अभाव में इलाज संभव नहीं था। किसी तरह एसएसबी के मुख्यालय भीमापार पहुंचे। संबंधित ग्रुप के जवानों ने ब्लड दिया। कुछ ऐसे भी जवान हैं जिन्होंने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज जाकर रक्तदान किया है। इनके परिजनों का कहना है कि खून का रिश्ता जब काम नहीं आया तो जवानों ने इंसानियत दिखाई और खून देकर जान बचाई। ऐसे कम ही लोग मिलते हैं। खून के रिश्ते से बढ़कर जवानों की इंसानियत है।
विज्ञापन

एसएसबी की ओर से समय-समय पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है। साथ ही मुख्यालय पर आने वाले जरूरतमंदों को भी जवान रक्तदान करते हैं। इसके लिए सभी को जागरूक होने की जरूरत है। रक्तदान बहुत ही नेक काम है।
-मनोज कुमार, उप कमांडेंट एसएसबी43वीं वाहिनी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें