ब्लाक प्रमुखा का नाम पात्र गृहस्थी काडऱ्र्ड में।
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इसे त्रुटि कहें या गरीबों के हक पर डाका। सरकार से सस्ता खाद्यान्न-तेल पाने वालों की सूची में जिले के एक ब्लॉक प्रमुख का भी नाम शामिल है। आपूर्ति कार्यालय के दस्तावेजों में पूरे परिवार समेत नौगढ़ ब्लॉक प्रमुख शफीक अहमद का नाम पात्र गृहस्थी परिवारों की पात्रता सूची में अंकित है। उन्हेें खेतिहर मजदूर बताते हुए महज 28 हजार रुपये वार्षिक आय दर्शाई गई है। हालांकि ब्लॉक प्रमुख खुद इन आंकड़ों को झूठलाते हुए खुद को अपात्र बता रहे हैं। मगर पात्रता सूची में नाम शामिल होने से इनकार भी नहीं कर रहे।
नगर से सटे भीमापार गांव निवासी शफीक अहमद दोगुने अंतर से जीत दर्ज कर नौगढ़ ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हुए थे। नाटकीय घटनाक्रम के चलते उनका चुनाव पूरे जिले में चर्चित रहा। अब पात्र गृहस्थी परिवारों की सूची में नाम आने के बाद फिर से चर्चा में आ गए हैं। जिला पूर्ति कार्यालय के रिकार्ड के मुताबिक ब्लॉक प्रमुख शफीक अहमद पुत्र अब्दुल अजीज का नाम भीमापार गांव के पात्र गृहस्थी परिवारों की सूची में शामिल हैं। उनके साथ पत्नी, चार पुत्र व दो पुत्रियों का नाम भी सूची में अंकित है। बता दें कि पात्र गृहस्थी ऐसे गरीब व असक्षम परिवारों की श्रेणी है, जिन्हें जीवन निर्वाह के लिए सरकार से पांच किलो प्रति सदस्य के अनुसार सस्ते दर पर खाद्यान्न दिया जाता है। सूची में ब्लॉक प्रमुख की कुल वार्षिक आय 28 हजार रुपये दर्शाई गई है। उनके पास घर में गैस कनेक्शन भी नहीं है।
मुझे करीब डेढ़-दो माह पूर्व इस बारे में जानकारी मिली थी, तभी मैने विभाग के कंप्यूटर बाबू को नाम हटाने के लिए कहा था। तब बताया गया कि त्रुटि से नाम आ गया है, अपने आप हट जाएगा। हम आश्वस्त थे कि नाम काट दिया गया होगा। हम अपात्र हैं, गरीबों के हिस्से का खाद्यान्न हमें नहीं चाहिए। अब तक इस श्रेणी का एक दाना लिया भी नहीं है। विभाग से दोबारा संपर्क कर नाम कटवाएंगे। -शफीक अहमद, ब्लॉक प्रमुख, नौगढ़।