पथरा। बुनियादी सुविधाओं से वंचित डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र के विशुनपुरवा गांव के लोगों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। गांव के मुख्य मार्ग पर चुनाव बहिष्कार का बैनर लगाकर ग्रामीण एक स्वर में वोट न देने पर अडिग रहे। दोपहर एक बजे तक यहां एक भी वोट नहीं पड़ सका था। बाद में मौके पर पहुंचे एसडीएम ने ग्रामीणों की समस्याएं दूर करने का आश्वासन देकर मतदान शुरू कराया।
विशुनपुरवा के ग्रामीणों का कहना था कि वह हर बार वोट देते आए हैं, मगर गांव में कोई सुविधा आज तक उपलब्ध नहीं कराई गई। सिर्फ आश्वासन देकर नेता उन्हें छलते हैं। गांव के सुभाषचंद, राम उजागिर, दिलीप कुमार, राजाराम, त्रिलोकी, शिवकुमार, विकास, रिंकू, सावित्री, सुखदेव, राजमन, गंगाराम, हनुमान, चंदन, सुग्रीव, बहरैची, रामबहाल, इच्छाराम, नेबूलाल आदि का कहना था कि उन्हें न तो राशन-तेल मिल रहा है और न ही कोई अन्य सुविधा। दलित और पिछड़ी जाति की आबादी वाले गांव के लोग मजदूरी पर आश्रित हैं, बावजूद इसके किसी को भी बीपीएल कार्ड नहीं दिया गया है। गांव के उत्तर, पश्चिम और दक्षिण तरफ आवागमन का रास्ता नहीं है। चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। शौचालय न होने से महिलाओं को खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है। गरीबों को न तो आवास मिला और न ही पेंशन सहित अन्य सुविधा।
चुनाव में यहां नेता आते हैं, वादे करते हैं और फिर वोट लेकर चले जाते हैं। जीतने के बाद कोई लौटकर नहीं आता। लिहाजा वह इस बार वोट नहीं करेंगे। ग्रामीण दोपहर तक अपने फैसले पर अडिग रहे। नतीजा मतदान शून्य रहा। पीठासीन अधिकारी ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। मौके पर पहुंचे रिटर्निंग अफसर एसडीएम डुमरियागंज अरुण कुमार राय ने ग्रामीणों से वार्ता कर उन्हें आश्वस्त किया कि चुनाव खत्म होते ही इस गांव में समस्याओं का समाधान किया जाएगा। वह खुद गांव में आकर उनकी शिकायतें दूर करेंगे। एसडीएम के आश्वासन के बाद दोपहर एक बजे से मतदान शुरू हुआ।