डुमरियागंज के टिकरीयां बूथ पर मतदाताओं के साथ बच्चे भी पहुंचे थे।
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सिद्धार्थनगर। लोकतंत्र के उत्सव में बुद्ध भूमि के मतदाताओं ने भरपूर जोश दिखाया है। प्रवासी वोटरों के घर न लौटने और मतदाता सूची में तमाम खामियों के बावजूद वर्ष 2012 के विधानसभा और 2014 के लोकसभा चुनाव का आंकड़ा पीछे छूट गया है। हालांकि फर्स्ट डिवीजन पास होने की हसरत अधूरी रह गई। जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों में हल्की नोक-झोंक के बीच मतदान सकुशल संपंन हुआ। कुल 52.4 प्रतिशत मतदान हुअा। मतदान समाप्ति के बाद देर शाम ईवीएम को नवीन मंडी स्थल परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग रूम में सील कर दिया गया। 48 उम्मीदवारों की तकदीर पर चढ़ा यह ताला अब 11 मार्च को मतगणना के साथ खुलेगा।
विधानसभा चुनाव में मतदान को लेकर सुबह से ही उत्साह बना रहा। जागरूकता कार्यक्रमों से प्रेरित होकर मतदाता सात बजे से ही बूथों पर जुटने लगे थे। शुरुआती तेजी का आलम रहा कि दो घंटे में ही 9 फीसदी तक मतदान हो चुका था। कई बूथों पर ईवीएम में गड़बड़ी के चलते कुछ देर तक मतदान बाधित भी हुआ। कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर-80 पर ईवीएम में फाल्ट होने से मतदान साढ़े सात बजे शुरू हो सका। बूथ संख्या 10 पर मतदान एक घंटे देर से आरंभ हुआ। इटवा के कमदा बूथ पर भी ईवीएम में तकनीकी दिक्कत के चलते भी मतदान विलंबित रहा।
शोहरतगढ़ के गुजरौलिया में ऐन वक्त पर ईवीएम खराब हो गया। मतदान रोककर ईवीएम को दुरुस्त करने के दौरान करीब एक घंटे तक प्रक्रिया बाधित हुई। बांसी के बैसार बूथ पर ईवीएम से बीप की आवाज न आने की शिकायत पर मतदान रोक दिया गया। सेक्टर मजिस्ट्रेट ने मौके पर पहुंचकर खराबी दुरुस्त की, तब साढ़े सात बजे मतदान शुरू हुआ। कपिलवस्तु के सोहांस जनूबी में अभिकर्ता सलाहुद्दीन ने पीठासीन अधिकारी पर मतदाताओं को एक खास पार्टी के पक्ष में वोट का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। बर्डपुर के बूथ संख्या 53 व 54 पर कुर्सी-मेज न होने से यहां पोलिंग दल को जमीन पर बैठकर मतदान कराना पड़ा। मतदान का प्रतिशत दोपहर 1 बजे तेजी से बढ़ा, मगर उसके बाद सुस्ती आ गई। नतीजा शाम 5 बजे तक 52.4 प्रतिशत तक मतदान हो सका।