-यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा में कैसे करें तैयारी, कैसे आएगा नंबर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से 24 फरवरी से आयोजित बोर्ड परीक्षा जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, परीक्षा की तैयारी में लगे परीक्षार्थियों ने तैयारी भी तेज कर दी है। इसके लिए परीक्षार्थी संबंधित विषय के शिक्षकों से प्रश्नों को समझ रहे हैं। शिक्षकों ने मेहनत से पढ़ाई करने व राइटिंग पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया है। कोई शिक्षक मॉडल पेपर को बार-बार हल करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित कर रहा है, तो कुछ परीक्षा में घबराहट को पीछे छोड़ते हुए शांत मन से तैयारी करने की सलाह दे रहा है। ताकि बच्चा अच्छे अंक प्राप्त कर सके।
विषय विशेषज्ञ इसमें हिंदी में बिंदी और काॅमा पर विशेष ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं। शिक्षकों के प्रयास को विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में इटवा ब्लाॅक के कठेला कॉलेज शर्की देवियापुर के हिंदी के प्रवक्ता प्रद्युमनाथ चौबे ने बच्चों को परीक्षा से जुड़ी कई जानकारी दी। बताया कि छोटे प्रश्नों को कई बार पढ़ें, क्योंकि वह जल्द याद होते हैं। परीक्षा के समय अकसर बच्चों में भय रहता है किक पता नहीं कैसा पेपर होगा। पहले परीक्षार्थी इस भय को पीछे छोड़ें। वह तय कर लें कि कब उन्हें पढ़ना है और कितनी देर तक पढ़ना है। क्योंकि पढ़ाई करते समय एकाग्रता जरूरी है। अगर बोझ मानकर पढ़ते हैं तो याद नहीं होगा। घबराएं बिना हिंदी विषय पढ़ें, परीक्षा आसान हो जाएगी।
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इस प्रकार से करें तैयारी
- बहुविकल्पीय प्रश्नों को अधिक से अधिक पढ़ें।
- महत्वपूर्ण लेखकों का संक्षिप्त जीवन परिचय तथा भाषा शैली और रचनाओं को सही तरह से याद करें।
- महत्वपूर्ण कवियों का संक्षिप्त जीवन परिचय तथा उनके भाव पक्ष और कला पक्ष के साथ रचनाएं याद करें।
- गद्य और पद्य के संदर्भ बिल्कुल सही होने चाहिए।
- रस, छंद, अलंकार और व्याकरण में थोड़ा लिखकर अधिक अंक मिल जाते हैं, इसलिए इस पर ध्यान दें।
- पढ़ाई करते समय लिखते रहें, इससे आसानी से याद होता है।
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अच्छे अंकों के लिए ये नीति अपनाएं
-शब्द सीमा का ध्यान रखें, जितना पूछा हो, उतने में उत्तर दें।
-प्रश्नों को हल करने का पैटर्न समझें
-रूप, प्रार्थना पत्र व निबंध आदि का रोज लिखकर अभ्यास करना जरूरी है।
-निबंध में नीले पेन का उपयोग करें।
-बिंदी, क्वामा, पूर्ण विराम, हलंत पर विशेष ध्यान दें।
-अगर प्रश्न में रचना पूछी गई है तो ज्यादा से ज्यादा लिखें।
-साहित्य या जीवन परिचय सिर्फ 80 शब्दों में लिखें।
प्रश्न में पूछा जाने वाला उद्देश्य लिखें, कहानी नहीं।