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Siddharthnagar News: बड़ा मुनाफा, बेलगाम तस्कर...साइकिल से सीमा पार हो रहीं नशीली दवाएं

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कार्रवाइयों के बाद भी सक्रिय है नशीली दवा का रैकेट, सीमावर्ती गांवों में बने सुरक्षित ठिकाने
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महराजगंज। नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाई और करोड़ों की संपत्ति कुर्क होने के बावजूद सीमावर्ती इलाकों में यह अवैध धंधा थमता नजर नहीं आ रहा है। तस्करों ने अब तरीका बदल लिया है। नशीली दवाओं को छोटे-छोटे बॉक्स में पैक कर साइकिल कैरियर के जरिए सीधे नेपाल पहुंचाया जा रहा है, जहां सीमावर्ती गांवों में सुरक्षित ठिकाने बनाकर आगे सप्लाई की जा रही है।

बीते दिनों सीमा क्षेत्र से नशीली दवाओं की बरामदगी के बाद गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि दवाओं के मूल मूल्य को हटाकर तीन गुना अधिक कीमत का स्टीकर लगाया जाता है। उदाहरण के तौर पर ताल्जेसिक बुप्रेनॉर्फिन इंजेक्शन जिसकी कंपनी कीमत 27.30 रुपये है, उसे 95 रुपये में बेचा जा रहा था। चिकित्सकों के अनुसार इस तरह की दवाओं का अनियंत्रित सेवन जानलेवा साबित हो सकता है।
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नेपाल में सुरक्षित ठिकाने, युवाओं को पहले फ्री डोज : सूत्रों के मुताबिक तस्कर नेपाल के सीमावर्ती गांवों में एजेंटों के जरिए काम कर रहे हैं। शुरुआत में युवाओं को दो-चार बार मुफ्त में दवा दी जाती है। इसके बाद वे नशे के आदी हो जाते हैं और नियमित खरीद शुरू कर देते हैं। कई मामलों में नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी जैसी घटनाएं भी सामने आ रही हैं। एक छोटे बॉक्स में औसतन 5 हजार रुपये तक की नशीली दवा भेजी जाती है। सीमा पार कराने वाले करियर को 800 से 1000 रुपये दिए जाते हैं। तस्कर एक ही व्यक्ति को दिन में एक-दो बार ही भेजते हैं, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर में न आएं। यह काम ज्यादातर साइकिल सवार कर रहे हैं।

किन रास्तों से हो रही तस्करी : ठूठीबारी, झुलनीपुर, बरगदवा, भगवानपुर, खनुआ, हरदीडाली समेत अन्य सीमावर्ती रास्तों से यह धंधा चल रहा है। नशीली दवाओं की खेप साइकिल के पीछे रखकर मुख्य रास्तों से भी आसानी से सरहद पार करा दी जाती है। नेपाली ग्राहक फोन पर ऑर्डर देते हैं और गत्ते में पैक कर दवा नेपाल भेज दी जाती है। सूत्र बताते हैं कि एक-एक क्षेत्र में 10 से 15 साइकिल कैरियर सक्रिय हैं।

पोखरा से बुटवल तक फैला नेटवर्क :
सूत्रों के अनुसार, नशीली दवाओं की खपत नेपाल में अधिक होने के कारण भारत से तस्करी का नेटवर्क मजबूत हुआ है। प्रतिबंधित दवाएं पोखरा, नारायणघाट, भैरहवा और बुटवल तक पहुंचाई जा रही हैं। इस अवैध कमाई को तस्कर जमीन खरीदने और अन्य संपत्तियों में निवेश कर रहे हैं।


धंधेबाजों पर पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई

-नशीली दवाओं पर पहले भी कई बार कार्रवाई हो चुकी है पर यह धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। 13 अगस्त 2023 को नशीली दवा बेचने के मामले में बरगदवा निवासी गैंगस्टर दिनेश रौनियार की 2.90 करोड़ मूल्य की संपत्ति कुर्क कर ली गई थी।
-छह फरवरी 2021 में तत्कालीन एसडीएम नौतनवा प्रमोद कुमार ने सोनौली कोतवाली के सुकरौली गांव के एक मकान में छापा मारा था। नेपाल ले जाने के लिए प्रतिबंधित नशीली दवाएं बरामद हुईं थी। टीम ने दो भाइयों इरफान खान, आमिर खान को गिरफ्तार किया। उसके बाद भी दोनों भाई ड्रग्स के कारोबार में संलिप्त रहे। छह अगस्त 2023 को दोनों भाइयों की करीब दो करोड़ की संपत्ति को कुर्क कर लिया गया।
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सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। बॉर्डर क्षेत्र में हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

-सिद्धार्थ, अपर पुलिस अधीक्षक
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