चिल्हिया। क्षेत्र के अलीदापुर के गौरा बाजार में चल रही संगीत मयी राम कथा में बृहस्पतिवार को कथावाचक आचार्य संतोष शुक्ल ने रामकथा के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया।
उन्होंने भरत चरित्र का उल्लेख करते हुए कहा कि भरत त्याग, मर्यादा और भाई प्रेम के अद्वितीय प्रतीक हैं, जिनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। आचार्य संतोष शुक्ल ने प्रभु श्रीराम-केवट प्रसंग की कथा सुनाते हुए उन्होंने बताया कि सच्ची भक्ति में समर्पण और सेवा भाव सर्वोपरि होता है। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव विभोर होकर कथा का रसपान करते रहे।
आचार्य ने कहा कि भगवान राम के जीवन से हमें सत्य, धर्म और कर्तव्य पालन की शिक्षा मिलती है। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। अंत में आरती के साथ कथा का समापन हुआ। इस दाैरान पंकज चतुर्वेदी, हरि किशुन शर्मा, तूफानी राम वर्मा, विनोद गुप्ता, सुभाष वर्मा आदि मौजूद रहे।